
धारचूला (पिथौरागढ़)। किसान महासभा और भाकपा माले को पुलिस ने गांधीचौक में सभा नहीं करने दी। महासभा, माले कार्यकर्ताओं के बीच सभा को लेकर खूब गहमागहमी हुई। प्रशासन ने सभा की अनुमति न लेने की बात कही है तो माले ने प्रशासन पर विधायक के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
शनिवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे किसान महासभा और भाकपा माले के नेतृत्व में तमाम आपदा प्रभावित गांधीचौक में एकत्रित हुए। सरकार पर आपदा प्रभावितों की मदद में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए सभा शुरू की। सभा शुरू ही हुई थी कि थानाध्यक्ष पीएस दानू के नेतृत्व में पहुंचे पुलिस दल ने माइक बंद करा दिया। इससे वहां पर माले नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। लोगों के बीचबचाव से मामला शांत हुआ। इसके बाद माले, महासभा के कार्यकर्ता तहसील तक नारेबाजी करते हुए गए। एसडीएम प्रमोद कुमार ने इनसे वार्ता की। एसडीएम का कहना था कि 24 घंटे पहले जनसभा की अनुमति लेनी होती है। सुबह सभा का आवेदन दिया और सभा शुरू कर दी। कहा कि गांधीचौक में व्यस्तता रहती है, वहां सभा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उधर, माले के जिला सचिव जगत मर्तोलिया का कहना था कि वह लोग मुख्यमंत्री केआने का विरोध नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आपदा पीड़ितों की 15 सूत्रीय मांगों को पूरा करे, तब आए अन्यथा मुख्यमंत्री को धारचूला में उतरने नहीं दिया जाएगा। कहा कि प्रशासन स्थानीय विधायक के इशारे पर काम कर रहा है। बोलने तक का भी अधिकार छीना जा रहा है। गांधीचौक में अन्य समय भी भीड़भाड़ रहती है, आज ही पुलिस को इसकी क्यों याद आई। जुलूस में ब्लाक संयोजक किशन कुंवर, हरीश धामी, मोहन बिष्ट, ललित वर्मा के साथ ही आपदा प्रभावित मौजूद थे।
