
रामपुर बुशहर। मालिंग लियो बाईपास सड़क जो देश की सुरक्षा के लिए भी अहम भूमिका अदा करेगी, विस्फोटक सामग्री न मिलने से इसका निर्माण कार्य अधर में लटका है। इस से जहां आम लोगों को फायदा होगा, वहीं भारत-तिब्बत सीमा की दूरी भी 22 किमी कम हो जाएगी। इसका सीधा फायदा देश के सैनिकों को भी मिलेगा। इस सड़क के बनने से मालिंग में सड़क बंद होने पर भी सीमा के लिए सैनिकों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन, लोक निर्माण विभाग की ओर से विस्फोटक सामग्री मुहैया न करवाने पर एक साल में बनने वाली सड़क का निर्माण पांच वर्ष में भी पूरा नहीं हो पा रहा है। इधर, सड़क का निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार दावा शेरपा का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग से चट्टानों को तोड़ने के लिए विस्फोटक सामग्री की मांग की, लेकिन उन्हें अभी तक यह सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई गई। इसके चलते उन्हें हर रोज लेबर को बिना काम किए 26,550 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। वर्ष 2007 से बन रही यह सड़क आज तक बनकर पूरी नहीं हो पाई है।
इसके बारे में एक्सईएन काजा वीएन पराशर का कहना है कि काजा में विस्फोटक सामग्री रखने के लिए विभाग के पास लाइसेंस नहीं है। इसके चलते परेशानी हो रही थी। उन्होंने कहा कि अब रामपुर से विस्फोटक सामग्री लाकर ठेकेदार को मुुहैया करवाई जा रही है।
