
धर्मशाला। शिक्षा विभाग और बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2014-15 के लिए स्कूलों को मार्च से पहले पुस्तकें वितरित किए जाने का निर्णय लिया है, लेकिन स्कूल प्रमुखों के सुस्त रवैये के चलते मुहिम ठंडी पड़ती प्रतीत हो रही है। दरअसल स्कूल प्रमुखों ने अभी तक किताबों की डिमांड नहीं भेजी है। शिक्षा विभाग ने 31 जनवरी तक स्कूलों को किताबों की डिमांड भेजने के आदेश दे रखे थे, लेकिन अभी तक जिला कांगड़ा के सैकड़ों स्कूलों ने किताबों की डिमांड भेजना जरूरी नहीं समझा है। हालांकि, शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 20 फरवरी तक की मोहलत दी है। आगामी चार दिन के भीतर डिमांड न भेजने पर विभाग ऐसे स्कूल मुखिया पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 20 फरवरी तक भी डिमांड न भेजने वाले स्कूलों में किताबें जारी नहीं की जाएंगी। जिसकी जिम्मेवारी स्कूल प्रमुख की रहेगी। विभाग द्वारा स्कूलों से किताबों की डिमांड मांगी जाती है। जिसे शिक्षा बोर्ड को भेजा जाता है। शिक्षा बोर्ड से फिर विभाग के माध्यम से स्कूलों को किताबें जारी की जाती हैं। विभाग व बोर्ड ने इस मर्तबा मार्च माह से पहले ही किताबें दिए जाने का निर्णय लिया है, लेकिन यह फलीभूत होता नहीं दिख रहा।
वहीं, उच्च शिक्षा उपनिदेशक देशराज शर्मा ने कहा कि ऐसे स्कूलों को 20 तक का समय दिया गया है। इस दौरान भी किताबों की डिमांड न भेजने पर स्कूलों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
