मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारी नाराज

मंडी। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। करोड़ों के मुनाफे में चल रहे मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों को न तो पेंशन की सुविधा मिली और न ही नियमित किया गया। कर्मचारी संघ के प्रधान हरि सिंह ठाकुर, महासचिव जय प्रकाश शर्मा, हेमराज ठाकुर, दिले राम, बलदेव ठाकुर, हीरा लाल, राजीव गुप्ता, सतीश कुमार, एचआर ठाकुर, सुरेश अवस्थी, अरुणा कौशल, नरेश ठाकुर, राजेश जोशी, नंद लाल, अशोक शर्मा, राम शर्मा, लायक राम, केशव राम, धर्नीधर, मदन लाल, सोम दत्त, ब्रिजभूषण, सुरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, राम सिंह, मानसिंह, इंदिरा पाहल, पवन कुमार, धनी राम, सुमीर चंद, मोहन लाल, कुलवंत कुमार आदि कर्मचारी नेताओं ने बोर्ड कर्मियों की लंबित समस्याओं के हल न होने पर खेद प्रकट किया। कहा कि इस बारे में जल्द ही यूनियन से बैठक करने का आग्रह किया है। मार्केटिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के नेताओं ने कहा कि बोर्ड एक स्वायत्त संस्थान है, जो करोड़ों के मुनाफे में चल रहा है। संघ इसका स्वागत करता है, लेकिन 30-40 साल से जिन कर्मचारियों ने इस बोर्ड को करोड़ों की आमदनी दी है, उनके लिए पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, बोर्ड प्रशासन ने यह निर्णय भी लिया है कि हिमुडा की तर्ज पर मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों को पेंशन दे दी जाए, लेकिन यह मुद्दा लटका पड़ा है। इधर, संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरि सिंह ठाकुर ने कहा कि बोर्ड द्वारा वर्ष 2003 से पूर्व कुल 110 कर्मचारियों के लिए पेंशन देने का निर्णय लिया था। इस पर 10 साल बाद बोर्ड की बैठक में चर्चा होती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ नहीं मिल पाया है।

Related posts