
माफिया की हिट लिस्ट में अधिकारी
सोलन। प्रभावशाली नेताओं की शह पर चलते अवैध खनन पर शिकंजा कसने वाले अधिकारी खनन माफिया हिट लिस्ट में हैं। कुछ अधिकारियों की शिकायतें सरकार तक पहुंच चुकी हैं या पहुंचाई गई हैं, जिसमें एसडीएम नालागढ़ डा. यूनुस भी एक हैं।
26 जुलाई को जिला परिषद की बैठक में खनन माफिया से संबंधित मुद्दा भी गूंजा। यहां तक कि यह आरोप लगाए गए कि शातिरों के सरकारी विभागों में सूत्र हैं। एक जिप सदस्य ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे एसडीएम आरएस वर्मा के सामने विभागों के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। चर्चा हुई कि खनन माफिया को नेताओं की शह भी मिल रही है। उधर, उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने कहा कि इस तरह की शिकायतें मिली और जांच भी की गई। सभी आरोप निराधार हैं। शिकायतें खारिज कर दी गई हैं। एसडीएम नालागढ़ डा. यूनुस की शिकायत भी इनमें शामिल थी। जिला प्रशासन अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए हर संभव प्रयत्न करेगी।
6 माह में खनन माफिया पर कार्रवाई
माह चालान जुर्माना
फरवरी 09 1 लाख 5000
मार्च 34 3 लाख 32000
अप्रैल 57 7 लाख 56000
मई 13 2 लाख 89000
जून 14 2 लाख 97000
जुलाई 21 3 लाख 89000
अगस्त 12 2 लाख 36000
38 लाख की खनन सामग्री करवाई नीलाम
अवैध खनन से धरी गई सामग्री को 37,90,000 रुपये में नीलाम किया गया है। इसमें खनन निरीक्षक हेमचंद ने 17,01,600 रुपये, तहसीलदार नालागढ़ आरडी हरनोट ने 75,000, नायब तहसीलदार टीएल नेगी ने 29,000 रुपये के खनन अधिनियम के तहत चालान काटे है। ऐसे में एसडीएम की अगुवाई वाली उपमंडल प्रशासन की टीम ने छह माह में सरकार के कोष में करीब 80 लाख रुपये जमा करवाया है।
