मानव तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम जरूरी

अल्मोड़ा। एम्पावर पीपुल संस्था के तत्वावधान में यहां पुलिस कार्यालय सभागार में हुई कार्यशाला में वक्ताओं ने मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) पर प्रभावी अंकुश लगाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि कुछ प्रोफेशनल गिरोह इस काम में सक्रिय हैं जो खासतौर पर पर्वतीय इलाकों में गरीब परिवारों की महिलाओं और लड़कियों को शिकार बनाते हैं।
संस्था के सह संस्थापक सफीक उर रहमान और सीईओ ज्ञानेंद्र कुमार ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोके जाने में पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा पुलिस द्वारा यदि प्रभावी कार्रवाई की जाए तो लोगों को इसका शिकार होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस काम में सक्रिय गिरोह पहाड़ की सीधी सादी और गरीब महिलाओं को निशाना बनाते हैं। इसमें कई बार वह परिवार के लोगों तक घुसपैठ करके उन्हें झांसे में ले लेते हैं। यहां से ले जाने के बाद महिलाओं का भविष्य बरबाद हो जाता है।
विशेषज्ञ डा. वीना कृष्णन, वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग विसारिया, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रिया रतूड़ी ने मानव तस्करी के बारे में पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने एम्पावर पीपुल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी रोकने के लिए पुलिस अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई करेगी। उन्होंने जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों को भी इस बारे में निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस उपाधीक्षक किशन सिंह ह्यांकी, अभियोजन अधिकारी पुष्कर सिंह टोलिया, प्रतिसार निरीक्षक देवी दत्त चौसाली, अंबिका प्रसाद सेमवाल, प्रहलाद राम आदि मौजूद थे।

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