
नगरोेटा बगवां (कंागड़ा)। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने जिला कांगड़ा के विभिन्न स्थल मूल्यांकन केंद्रों पर दसवीं और जमा दो के पेपर मूल्यांकन कार्य का शुक्रवार को सांकेतिक विरोध किया। संघ के जिला प्रधान और अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज मेहता ने बताया कि संघ की बैठक 11 फरवरी को स्कूल बोर्ड के साथ हुई थी। इसमें बोर्ड ने सभी प्रकार का मानदेय बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
अब पेपर मूल्यांकन के मानदेय में केवल पचास पैसे की बढ़ोतरी की है जो अध्यापकों के साथ मजाक है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ इसका कड़ा विरोध करता है और मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग को लेकर स्थल मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करता है। शुक्रवार को केवल सांकेतिक बहिष्कार करके विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों से अध्यापकों के हस्ताक्षर सहित ज्ञापन शिक्षा बोर्ड को भेजे गए हैं। बोर्ड मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी नहीं करता तो 2 अप्रैल से हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ स्थल मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेगा। इसका उत्तरदायित्व शिक्षा बोर्ड पर होगा। नगरोटा बगवां, पालमपुर, कांगड़ा, धर्मशाला, देहरा तथा नूरपुर स्थल मूल्यांकन केंद्रोें में सांकेतिक बहिष्कार किया गया।
सरोज मेहता ने बताया कि जिन परीक्षाओं में पेपर मूल्यांकन का सीबीएसई बोर्ड में 30 रुपये तक मेहनताना मिलता है, उनका हिमाचल में कई वर्षों से मात्र 6 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है जो किसी भी अध्यापक को स्वीकार्य नहीं है। बोर्ड के हर प्रकार के कार्यों का मानदेय बहुत ही कम है, इसे जल्द से जल्द बढ़ाया जाए।
