
शिमला : (वीरेन्द्र खागटा) इस जहाँ में मनुष्य को परमात्मा के द्वारा रची गई सर्वश्रेष्ठ रचना का दर्जा प्राप्त है । वही इस कड़ी को विकसित करने व मातृत्व सुख भोगने से अधिकतर दम्पति वंचित रह जाते है और परमात्मा को कोसते है । शिमला प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता में चंडीगढ़ की जिंदल आई वी एफ व संत मैमोरियल नर्सिंग होम की डायरेक्टर डॉ उमेश जिंदल ने इसे दम्पति को इनफर्टीलिटी गाईड लाइंस व सही समय पर उपचार न करवाना इसका मुख्य कारण बताया है । मीडिया से की गई बिस्तृत चर्चा में उन्होंने हिमाचल का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश से चंडीगढ़ में उनके पास करीब 50 नये मरीज हर माह आते है । उनसे कौंसिलिंग करने के बाद अधिकतर मामलो में यह बात सामने आती है कि मरीज को सही समय पर न तो इनफर्टीलिटी के बारे जानकारी है न ही समय पर सही इलाज किया गया। जिसके कारण अधिकतर दम्पति मातृत्व सुख से आजीवन वंचित हो जाते है । इसी मकसद से जिंदल आई वी एफ व संत मैमोरियल नर्सिंग होम ने हिमाचल के लोगो को जागरूक व मातृत्व सुख की प्राप्ति के लिए 14 जून से 16 जून 20013 तक तारिकास जंगल रिट्रीट चायल (हि० प्र०) में बिस्तृत जानकारी विशेषज्ञ द्वारा दी जाएगी । दसवां एआरटी (असिस्टिड रिप्रडक्टीव टेक्नीक) चैप्टर ने रीजन के तमाम चिकित्सको को भाग लेने का न्योता दिया है। ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। इस दौरान टीम के सीनियर कंसलटेंट डॉ अनुपम ने बताया कि शिमला की एक महिला मरीज को रिकरेन्ट एंडोमिट्रोसिस यानी अंडकोष में चौकलेट रंग की गांठे बन रही थी । मरीज की शिमला में लगातार सर्जरी की गई ताकी एंडोमिट्रोसिस की शिकायत से निज़ात मिल सके जोकि सही इलाज नहीं है। सर्जरी के दौरान ओवरी क्षतिग्रस्त हो जाती है जिससे मरीज आजीवन बाँझपन का शिकार हो जाता है । जबकी आई वी एफ तकनीक का इस्तेमाल सर्जरी से पहले किया जा सकता है जिससे महिला मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकती है। वही डॉ गुरजीत कौर ने कहा कि सोलन की एक महिला को पोलिसिस्टक ओवरिस के साथ इनफर्टिलिटी की शिकायत थी। मरीज का लैप्रोस्कोपी से इलाज किया गया था । जिसके कारण अंडकोष को भारी नुक्सान हुआ। जिससे गुणयुक्त अंडो को क्षति पहुचती है जब की कंट्रोल्ड स्टिमुलेशन के माध्यम से दवाओ या इंजेक्शन की मदद से इलाज सम्भव है। साथ ही डॉ संजीव एंब्रियोलाजिस्ट पुरुष इनफर्टीलिटी के बड़ते मामलो पर चिंता जताते हुए कहा कि जीवन शैली परिवर्तन,मोटापा, युवाओ में बढती नशे की लत के कारण स्पर्म काउंट कम होने की शिकायते सामने आ रही है। डॉ उमेश जिंदल द्वारा आई सी एम आर की गाइड लाइंस व ए आर टी ड्राफ्ट बिल पर सभी आई वी एफ संस्थानों को नियमो का सख्ती से इसका पालन करने की अपील भी की गई ।
