
मंडी। मंडी में सेंट्रल जेल बनाने की कवायद तेज हो गई है। जेल में क्षमता से अधिक कैदियों को रखने में पेश आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए सेंट्रल जेल बनेगी। इसके लिए जेल विभाग प्रपोजल तैयार करने में जुटा है। विभाग की मांडल में भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। डीसी की मंजूरी मिली तो प्रपोजल सरकार को भेजी जाएगी। विभाग की मांडल में सेंट्रल जेल बनाने की योजना है। यहां माकूल भूमि जमीन मिलती है तो विभाग जल्द ही प्रपोजल सरकार को अंतिम मंजूरी के लिए भेज देगा।
आपराधिक घटनाआें में तीव्र वृद्धि हो रही है लेकिन सब जेल मंडी में कैदियाें को रखने की क्षमता कम है। इसके चलते यहां सेंट्रल जेल बनाने की योजना है। विभाग ने पहले सेंट्रल जेल के लिए बैहना में नब्बे बीघा भूमि का चयन किया था। लेकिन पंचायत की एनओसी न मिलने से यहां सेंट्रल जेल बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। अब विभाग ने मांडल में दोबारा सेंट्रल जेल के लिए जगह देखी है। भूमि चयन के लिए एडीएम मंडी पंकज राय की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। जेल के लिए करीब सौ बीघा भूमि की जरूरत है। मांडल में जिस जगह को सेंट्रल जेल के लिए देखा है वह पुलिस विभाग के नाम पर है।
सब जेल अधीक्षक सुशील ठाकुर ने बताया कि सेंट्रल जेल के लिए सौ बीघा भूमि की जरूरत है। मांडल में जो जगह है वह करीब 185 बीघा है। सेंट्रल जेल में सब जेल की तुलना में कैदियाें को रखने की चार गुना क्षमता बढ़ाई जाएगी।
125 कैदी रखने की है क्षमता
सब जेल एवं बोरस्टर जेल मंडी में 125 कैदियाें को रखने की क्षमता है। जेल में कैदियाें की संख्या इससे अधिक है। साथ ही जेल रिहायशी इलाके में है। कैदियाें की संख्या अधिक होने से जेल प्रबंधन को परेशानी झेलनी पड़ती है।
600 कैदी रखने की होगी व्यवस्था
सेंट्रल जेल में छह सौ कैदियों को रखने की क्षमता होगी। इसके अलावा जेल कर्मचारियों के रहने के लिए कमराें और इंडस्ट्री का निर्माण होगा। कैदियों की सुविधाओं की तमाम व्यवस्था होगी।
