
शिमला: भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ ने निगम कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर अपने तेवर तल्ख कर लिए हैं। महासंघ राष्ट्रीय सचिव महेश शर्मा ने जारी बयान में कहा कि यदि एचआरटीसी के निदेशक मंडल की बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी हुई तो निगम में कार्यरत सभी कर्मचारी संगठन हित में किसी बड़े आंदोलन को मजबूर हो सकते हैं। निगम में कार्यरत कर्मचारी यूनियनें बेवजह के आंदोलन नहीं चाहतीं ताकि निगम राजस्व व जनता के हित प्रभावित न हों। हाल ही में परिवहन मजदूर संघ ने निगम प्रबंधन से मांगों को पूरा करने के आश्वासन के बाद ही आंदोलन स्थगित किया है। अब यदि आश्वासन के बाद मांगें पूरी नहीं की गईं तो कर्मचारी आंदोलन के लिए फिर से मजबूर होंगे।
महासंघ राष्ट्रीय सचिव महेश शर्मा ने कहा कि महासंघ समय-समय पर प्रबंधन व सरकार को निगम हित व कर्मचारी हित में अपने सुझाव रखता आ रहा है जिसमें प्रमुख रूप से निगम में पीस मील व सभी प्रकार की अस्थायी नियुक्ति की जगह बेसिक प्लस डीए की नीति लागू करना, चालकों को 20 वर्ष सेवा पूर्व करने पर 2 विशेष वेतन वृद्धि प्रदान करना, चालक एवं परिचालक को प्रमोशन के अधिक अवसर देना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सभी प्रकार के सेवा लाभ समय पर प्रदान करना, सभी प्रकार के कर्मचारियों की कमी पूरी करना, चालकों-परिचालकों के अतिरिक्त व रात्रि भत्तों का समय पर भुगतान करना, विभिन्न वर्गों की ग्रेड-पे विसंगतियों को दूर करना व प्रदेश में बढ़ रहे अवैध संचालन को निगम हित में पूर्ण रूप से बंद करवाना शामिल है।
