मांगी नौकरी और मिली लाठियां

रुद्रपुर। असाल फैक्ट्री के निलंबित श्रमिकों की बहाली की मांग को लेकर धरने में बैठे 43 श्रमिकों को पुलिस ने लाठियां भांजकर जबरन गिरफ्तार कर लिया। जबकि 55 श्रमिकों ने पुलिस लाइन पहुंचकर समर्थन में गिरफ्तारी दी। श्रमिकों पर हुए बल प्रयोग से करीब आधा दर्जन से अधिक श्रमिक चोटिल हो गए। इससे मौके पर अच्छा खासा हंगामा हो गया। विरोध करने पर हुई धक्का-मुक्की में कई श्रमिकों के कपड़े भी फट गए। बाद में पुलिस सभी गिरफ्तार श्रमिकों को पकड़कर पुलिस लाइन ले आई। जहां से उन्हें शांतिभंग में हल्द्वानी जेल भेज दिया गया।
बता दें कि बीते दिनों असाल फैक्ट्री से 167 ट्रेनी श्रमिकों को निकाल दिया गया था। निकाले गए श्रमिकों की बहाली और तीन वर्ष पूरे कर चुके श्रमिकों को स्थाई करने की मांग को लेकर श्रमिक फैक्ट्री गेट में तीन-चार दिनों से धरने में बैठे हुए थे। इस मामले में गुुरुवार को कलेक्ट्रेट में डीएम बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में श्रमिक प्रतिनिधियों, प्रबंधन और प्रशासन के मध्य वार्ता हुई। लेकिन वार्ता में कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया। इधर पुलिस हिरासत में लिए गए श्रमिकों ने बताया कि देर रात करीब डेढ़ बजे प्रशासनिक अधिकारी पुलिस व पीएसी कर्मियों के साथ असाल फैक्ट्री पहुंचे और जबरन लाठियां भांजकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में पुलिस पकड़े गए सभी 43 श्रमिकों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले आई। जहां श्रमिकों की गिरफ्तारी से भड़के करीब 55 श्रमिकों ने शुक्रवार की सुबह पुलिस लाइन पहुंचकर समर्थन में गिरफ्तारी दी। बाद में जबरन गिरफ्तार किए गए 43 श्रमिकों को शांतिभंग में हल्द्वानी जेल भेज दिया गया।

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