महिलाओ ने रोका प्रोजेक्ट का काम

मुलथान (कांगड़ा) छोटा भंगाल क्षेत्र की निर्माणाधीन 25 मेगावाट केयू हाइड्रो एचडी मुलथान के छेरना टनल के बाहर तरमेहर गांव की करीब 60 महिलाओं ने मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर काम रोक दिया है।
तरमेहर गांव की महिला मंडल प्रधान इंद्रा देवी, उपप्रधान स्वर्णा, सचिव रचना, कोषाध्यक्ष पार्वती, जानकी देवी, कलावती, कनोरी देवी, रामो देवी, शकुंतला, लाली देवी, प्रेम कली, पार्वती, विधि देवी, प्रेम लता, सत्या देवी, जानकी, स्वारो देवी, सावित्री, शिला, शिल्पा, लुदरी, निशा, गुड्डी, शेवरी, नारो, शिला देवी, रचना, लोहली, नारो देवी ने बताया कि वह बीती रात से धरने पर बैठी हुई हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को भी प्रोजेक्ट में काम बंद रहा। जब तक उनकी मांगाें को नहीं मान लिया जाता, महिलाएं अपना प्रदर्शन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि तरमेहर गांव के नीचे से प्रोजेक्ट की टनल जा रही है। इससे गांव की जमीन के धंसने का खतरा बना हुआ है। तरमेहर गांव के छोरु नाला और खोडू नाला का पानी सुख गया है। इससे गांव में पानी की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट निर्माण से निकलने वाली मिट्टी उनकी फसलों को बर्बाद कर रही है। इलाके की महिलाओं को तीन साल में डेढ़ माह ही रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि जब तक प्रोजेक्ट प्रबंधन मांगों के हल के लिए लिखित रूप में नहीं देता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर, बीडीसी सदस्य श्याम लाल ने कहा कि प्रोजेक्ट लंबाडग नदी में मलबा फेंक रहा है।

महिलाओं ने रोका टनल का काय : रेड्डी
प्रोजेक्ट प्रबंधक एम रेड्डी ने कहा कि टनल का कार्य महिलाओं ने रोक दिया है। इसकी सूचना एसडीएम बैजनाथ और डीएसपी बैजनाथ को दी गई है। उन्होंने कहा कि तरमेहर गांव को टनल कार्य से कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट करार के अनुसार ही काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार दिया गया है। टनल के बाहर कार्य शुरू होने पर भी 70 प्रतिशत लोगों को रोजगार दिया जाएगा।

पुलिस भेजी मौके पर
डीएसपी बैजनाथ पुनीत रघु ने बताया कि पुलिस को मौके पर भेजा गया है। शांतिपूर्ण तरीके से महिलाओं की समस्याओं का निपटारा करवाया जाएगा।

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