महासचिव पद पर तीन लॉ ग्रेजुएट में जंग

शिमला। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के चुनाव में महासचिव पद पर इस बार तीन लॉ ग्रेजुएट आमने सामने हैं। मुकाबला इसलिए भी रोचक है, क्योंकि तीनों ही युवा और पढ़े-लिखे हैं। एक और समानता ये है कि ये तीनों ही कोर्ट केस संबंधी मामले ही सचिवालय में देख रहे हैं। चुनाव तिकोना होने के कारण वर्तमान महासचिव संजीत शर्मा के सामने इस कारण भी मजबूत चुनौती है।
इस पद के लिए वर्तमान महासचिव संजीत शर्मा, ज्योति चौहान और मुनीष शर्मा तीन प्रत्याशी हैं। संजीत शर्मा एजूकेशन बी शाखा में हैं और कोर्ट मैटर देख रहे हैं। वह सचिवालय कर्मचारियों की ऋण एवं बचत सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं और इस सोसाइटी में पिछले दो साल में हुआ सुधार उनके काम को दिखा रहा है। लेकिन कर्मचारी संगठन के चुनाव अलग मुद्दों पर होते हैं, इसलिए उन्हें भी प्रचार में पसीना बहाना होगा। वह शिमला से हैं और महासचिव पद का अनुभव इनके पास है।
ज्योति चौहान अप्पर शिमला से हैं और एजूकेशन डी शाखा में तैनात हैं। ये भी कोर्ट संबंधी मामले देखते हैं। इससे पहले ये महासचिव से नीचे के दो पदों पर चुनाव लड़े थे और एक बार सदस्य रहे हैं। तीसरे प्रत्याशी ऊना जिला के रहने वाले मुनीष शर्मा पहले ही लॉ विभाग की शाखा में हैं। पदाधिकारी के रूप् में यह पहला चुनाव लड़ रहे हैं।
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कोई प्रचार में व्यस्त, कोई पोस्टर छपवाने में
शिमला। सचिवालय चुनाव में अब धीरे धीरे रंगत आने लगी है। बुधवार को कई प्रत्याशियों ने जहां अकेले-अकेले प्रचार करना शुरू कर दिया है, वहीं कुछ प्रत्याशी पोस्टर और पंफलेट छपवाने के काम में व्यस्त रहे। इस चुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होना है। इसलिए प्रचार के लिए केवल पांच दिन का समय है। चुनाव लड़ रहे कर्मचारी दिन को प्रचार कर काम शाम को निपटा रहे हैं।
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दौलत-राजिंद्र शर्मा के लिए आखिरी मौका
शिमला। अध्यक्ष पद के तीन प्रत्याशियों में से दो के लिए यह अस्तित्व की लड़ाई मानी जा रही है। दौलत चौहान 56 साल के हैं। 58 मेें रिटायर होंगे और इससे पहले प्रमोट भी हो सकते हैं। दूसरी ओर राजिंद्र शर्मा का नंबर भी दो-ढाई साल में एसओ के लिए पड़ सकता है। इसके बाद ये क्लास थ्री कैटेगिरी से निकल जाएंगे और फिर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसलिए इस बार ये आखिरी मौका है।

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