महंगा प्याज बेचने पर नपे 28 कारोबारी

शिमला। देश भर में प्याज की कीमतें बढ़ने की आड़ में जिला शिमला में महंगा प्याज बेचना 28 कारोबारियों को महंगा पड़ गया है। ‘अमर उजाला’ के 14 अगस्त के अंक में ‘पेट्रोल से महंगा प्याज’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने जिला भर में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिमला, चौपाल, जुब्बल और ठियोग बाजार में कई कारोबारियों ने दुकानों में रेट लिस्ट नहीं लगाई थी। कारोबारियों पर बिना रेट लिस्ट लगाए प्याज बेचने का आरोप है।
‘अमर उजाला’ के 14 अगस्त के अंक में राजधानी के उपनगरों सहित जिला भर में प्याज के मनमाने दाम वसूलने की खबर प्रकाशित की गई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने शिमला, चौपाल, जुब्बल और ठियोग में दबिश थी। कार्रवाई के दौरान शिमला में 10 दुकानों का निरीक्षण किया गया। किसी ने भी रेट लिस्ट नहीं लगाई थी। जुब्बल कोटखाई में 30 दुकानों के निरीक्षण में दस दुकानों, ठियोग की दस में से पांच, चौपाल की सात में से तीन दुकानों में रेट लिस्टें लगी हुई नहीं पाई गईं। सभी कारोबारियों को संबंधित विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
शुक्रवार को 50 और 60 रुपये रहा रेट
सब्जी मंडी शिमला में शुक्रवार को प्याज 50 और 60 रुपये प्रति किलो बिका। साफ प्याज कारोबारियों ने 60 और हल्का खराब प्याज 50 रुपये में बेचा। बरसात के चलते प्याज के खराब होने की आशंका को देखते हुए कारोबारियों ने 50 रुपये किलो प्याज बेचा। फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन शिमला के प्रधान विशेषवर नाथ ने बताया कि शुक्रवार को 55 रुपये थोक का भाव रहा। खुदरा कारोबारियों ने 60 रुपये में रिटेल किया। दागी प्याज कुछ कारोबारियों ने 50 रुपये किलो में बेचा है।
जमाखोरी, अधिक वसूली ने करे : उपायुुक्त
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने बताया कि प्याज की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर जिले में व्यापक स्तर पर निरीक्षण किए जा रहे हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के लिए फल एवं सब्जी विक्रेताओं को कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने दुकानदारों से आग्रह किया है कि वे आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व मुनाफाखोरी न करें। उन्होंने सभी दुकानदारों को उनके द्वारा बेची जा रही वस्तुओं के क्रय वाउचर/बिल अपने पास सहेज कर रखने के आदेश दिए। उपायुक्त ने कहा कि कोई भी दुकानदार यदि निर्धारित लाभांश से अधिक दाम वसूल करता हुआ पाया गया तो प्रशासन द्वारा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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