महंगा पड़ा तेज रफ्तार से वाहन चलाना

घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के न्यायिक दंडाधिकारी विवेक शर्मा की अदालत ने लापरवाही व तेज रफ्तार से वाहन चलाने के एक मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे छह माह की कैद तथा 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
लोक अभियोजक राहुल चोपड़ा ने बताया कि झंडूता तहसील के कुठेड़ा का रहने वाला रतन लाल 3 सितंबर 2010 को किसी मृतक की अंतिम यात्रा में भाग लेने गया था। बरठीं से आगे वह शुक्कर खड्ड पुल से पैदल गुजर रहा था। इसी दौरान बरठीं की ओर से आए एक मोटरसाइकिल ने उसे टक्कर मार दी। दोपहिया वाहन को खैरियां भराड़ी निवासी अनिल कुमार चला रहा था। इस दुर्घटना में रतन लाल का पांव फ्रेक्चर हो गया था। उसे पहले बिलासपुर और उसके बाद आईजीएमसी शिमला में मार्च, 2011 तक उपचार करवाना पड़ा। रतनलाल का आरोप था कि अनिल द्वारा लापरवाही व तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल चलाने की वजह से हादसा हुआ। अदालत ने अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 279 व 337 के तहत तीन-तीन माह के कारावास तथा धारा 338 के तहत छह माह के कारावास व 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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