मशरूम उत्पादन के लिए पिथौरागढ़ बढ़िया जगह

पिथौरागढ़। मशरूम उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण वाले पिथौरागढ़ में मशरूम की खेती आजीविका का मुख्य साधन बन सकती है। कई गांवों में लोग बटन मशरूम, ढिंगरी मशरूम, दूधचट्टा मशरूम की खेती कर रहे हैं।
आठगांवशिलिंग, बुंगाछीना, बड़ाबे, डुंगरी, किरीगांव, विषाड़, गैना, जामिरखेत, फगाली, जाखनी, बगडोली में कृषि विज्ञान केंद (केवीके) पिथौरागढ़ के सहयोग से बटन, ढिंगरी मशरूम की उत्पादन इकाई के साथ ही प्रदर्शन इकाई लगाई गई हैं। केवीके में भी मशरूम की प्रदर्शन इकाई लगी है। इन इकाइयों में किसानों को तकनीकी जानकारियां दी जाती हैं। किसानों को मशरूम के बीज और दवाएं केवीके मुफ्त में देता है, यानि कि घर के नजदीक किसान को बीज और दवा मिल रही है।
उपरोक्त गांवों में मशरूम उत्पादन भी हो रहा है। कुछ काश्तकार तो काफी बेहतर काम कर रहे हैं। मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए केवीके लगातार किसानों को प्रेरित कर रहा है। इस सब के बावजूद लोगों की सरकारी मदद की ओर ही ताकते रहने की आदत के चलते मशरूम रोजगार का जरिया नहीं बन पा रहा है। मशरूम उत्पादन का तकनीकी ज्ञान मिलने के बाद भी लोग इसे व्यवसाय का रूप नहीं दे पा रहे हैं। काफी महंगी बिकने वाले मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जाए तो सीमांत जिले के किसान खुशहाली की राह पकड़ सकते हैं।

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