
शाहतलाई (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की मलराओं पंचायत के कई गांवों में पानी के लिए हाहाकार मची हुई है। हालांकि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वह भी एक सप्ताह में एक बार ही मिल रही है। यहां तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मलराओं में भी सातवें दिन ही पेयजल सप्लाई मिल रही है। स्कूली बच्चे भी पानी के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान सुरेंद्र सिंह, पंचायत उपप्रधान ओंकार सिंह, बलदेव सिंह, महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, मंजूला चंदेल, सोहन सिंह, दौलत राम, नंदलाल, शंकर राम ने कहा कि पंचायत के लोग पेयजल न आने से परेशान हैं। सबसे ज्यादा समस्या स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। स्कूल में पानी नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरी में घर से पानी की बोतलें भरकर ले जानी पड़ रही हैं। वहीं, पशुओं के लिए पेयजल आपूर्ति करने में भी समस्या आ रही है। अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा समस्या समाधान के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक बार ही पानी की सप्लाई मिलने के कारण उन्हें कई बार तो दूषित पानी भी पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण तथा अंतिम छोर पर होने के चलते पेयजल योजना का पानी पंचायत में पहुंचने से पहले ही खत्म हो सकता है। वहीं आसपास भी कोई प्राकृतिक जल स्रोत भी नहीं है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाए।
इस बारे में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग कलोल के सहायक अभियंता डीएस भाटिया ने कहा कि मलराओं स्कूल में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर जल स्रोतों में पानी की कमी होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। फिर भी जल्द समस्या समाधान किया जाएगा।
