
घाट (चमोली)। भूस्खलन की चपेट में आई भारतीय स्टेट बैंक की घाट बाजार ब्रांच का मलबा पखवाड़े भर बाद भी हटाया नहीं जा सका है। बैंक का एटीएम और लॉक अप के मलबे में दबे होने से करीब 55 लाख की रकम भी मलबे में दबी पड़ी है। प्रबंधन ने जिला प्रशासन से डोजर लगवाकर मलबा साफ कराने का अनुरोध किया है। इधर, शाखा में कामकाज शुरू नहीं होने से आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनर पेशन के लिए भटक रहे है।
बता दें कि 16-17 जून को भूस्खलन होने से घाट बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा इसकी चपेट में आ गई थी। बैंक का एटीएम भी मलबे में दफन हो गया था। बैंक भवन में जमा मलबा आज तक नहीं हटाया जा सका है। इससे करीब 55 लाख की रकम मलबे में दबी पड़ी है। कामकाज भी शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों से बैंक में जल्द ही कामकाज शुरू कराने की मांग की है। क्षेत्र पंचायत घाट के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कठैत, जिला पंचायत सदस्य खिलाफ सिह, सुरेंद्र भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य कलावती मैंदुली, कमलेश गौड़, राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी, बलवंत सिंह नेगी आदि ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक में कामकाज न होने से स्थानीय लोगों को 17 किमी दूर नंदप्रयाग जाना पड़ रहा है। सैकड़ों बुजुर्ग पेंशनर्स भी पेंशन के लिए भटक रहे हैं।
इधर, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक डीपी पांडे ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि प्रबंधन शाखा में जल्द ही कामकाज सुचारु कराने के लिए गंभीर है। किराए का भवन होने से मलबा हटाए जाने में कुछ दिक्कत पेश आ रही है। इसके लिए भवन स्वामी और पड़ोसियों की मदद बैंक चाहता है। जिला प्रशासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। शाखा प्रबंधक विद्यानंद प्रसाद का कहना है कि उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराए जाने के साथ ही जिला प्रशासन से डोजर लगवाकर मलबे को हटाने का अनुरोध किया गया है।
