मरीजों पर भारी पड़ रहे लैब टेस्ट

बिलासपुर(सोनू शर्मा) सरकारी अस्पताल में रियायती दरों पर विभिन्न टेस्ट करवाने के दावों पर संतोष नहीं किया जा सकता है। लोगों के मर्ज का तोड़ निकालने वाले स्वास्थय विभाग के आयुर्वेदिक और जिला अस्पताल में होने वाले विभिन्न प्रकार के टेस्ट की एवज में मरीजों से वसूली जा रही फीस में भारी अंतर है। इसके चलते सैकड़ों लोगों पर टेस्ट भारी पड़ रहे हैं। हैरत है कि एक ही टेस्ट की इन अस्पतालों में अलग-अलग फीस वसूली जा रही है। जो टेस्ट जिला अस्पताल में सस्ता है, वह आयुर्वेदिक अस्पताल में मंहगा है। सरकारी रेट पर टेस्ट फीस लेने का दावा कर विभाग ने जिला अस्पताल में निजी लैब भी खोली है। लेकिन यहां के टेस्ट रेट भी मेल नहीं खा रहे। जिला अस्पताल, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल और जिला अस्पताल में निजी क्षेत्र में खोली गई लैब के दामों का यह अंतर विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। विभाग की ओर से लोगों को बाजार से कम दरों पर अस्पताल में प्राइवेट लैब में टेस्ट सुविधा देने का वादा किया था। लेकिन स्थिति यह बनी हुई है कि विभाग द्वारा तय की गई टेस्ट दरें ही आपस में मेल नहीं खा रही है।

1. सरकारी व निजी लैब में एक समान दरों पर टेस्ट की सुविधा दी जा रही है। आरकेएस द्वारा ही रेट तय किए जाते हैं। यदि किसी रेट के टेस्ट में असमानता है, तो जांच की जाएगी। आयुर्वेदिक अस्पतालों की अपनी दरें है।
-डा. एमएल कौशल, सीएमओ बिलासपुर

आयुर्वेदिक अस्पतालों की लैब में टेस्टों के रेट की दरें आरकेएस द्वारा तय की जाती है। तय की गई कीमतों के आधार पर ही लोगों को टेस्ट की सुविधा दी जा रही है।
-राजेंद्र ठाकुर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी
3. कंपनी उच्च अधिकारियों द्वारा जो रेट लिस्ट भेजी गई है। उसके अनुसार टेस्ट किए जा रहे है। कुछेक टेस्ट तो सरकारी लैब से कम दरों पर भी किए जा रहे है
-श्याम लाल, इंचार्ज निजी लैब

टेस्ट आयुर्वेदिक अस्पताल क्षेत्रीय अस्पताल निजी लैब एचबी
एचबी 08 00 05
बीटी 05 10 05
सीटी 05 10 05
ब्लड शूगर 30 20 25
पीलिया 25 20 40
विडाल 30 20 20
यूरिन आरई, 20 10 10
सीमन एनलिसिस 50 30 30
सीरियम क्रीटनिन 15 30 30
ओटी, पीटी 30 40 40

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