
चंपावत। जल संस्थान को आपदा के समय क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए अब तक मात्र 23.40 लाख रुपये ही मिल पाए हैं। जबकि जल संस्थान ने 1.20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। आपदा से जल संस्थान की कुल 63 योजनाओं को नुकसान पहुंचा था।
जल संस्थान के सूत्रों के अनुसार अब तक मात्र नौ योजनाओं की मरम्मत के लिए पैसा रिलीज हुआ है। शेष 54 योजनाओं के सत्यापन का काम राजस्व विभाग के माध्यम से कराया जा रहा है। यदि इन योजनाओं की मरम्मत के लिए जल्दी धन नहीं मिलता तो इस बार ग्रामीण अंचलों में अक्तूबर से पेयजल का संकट होने लग जाएगा। बताया गया है कि क्षतिग्रस्त योजनाओं में ज्यादातर ग्रामीण अंचलों में हैं। इनमें से कई योजनाओं के पाइप बह गए हैं। कुछ के वितरण टैंक क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस बार बारिश की रफ्तार जून के बाद धीमी हो जाने से प्राकृतिक स्रोतों में पानी का स्तर कम होता जा रहा है। ऐसे में अब तक प्राकृतिक स्रोतों के सहारे गुजारा कर रहे लोगों को अक्तूबर से परेशानी उठानी पड़ जाएगी। 15 सितंबर के बाद बारिश बंद हो जाती है।
इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने बताया कि योजनाओं की मरम्मत के प्रस्ताव शासन से जरूर मंजूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब तक जितनी योजनाओं के लिए पैसा मिला है पहले उनकी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। शेष योजनाओं में धन मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।
