मनरेगा कामगारों को केंद्र का झटका

शिमला। हिमाचल मे मनरेगा की दिहाड़ी फिलहाल नहीं बढ़ेगी। केंद्र ने हिमाचल सरकार के प्रस्ताव को नकार दिया है। हिमाचल सरकार ने इस आधार पर केस नई दिल्ली भेजा था कि राज्य में न्यूनतम दिहाड़ी 138 रुपये से 150 रुपये की जाए।
केंद्र सरकार ने तर्क दिया है कि मनरेगा की मजदूरी का न्यूनतम दिहाड़ी के कोई सरोकार नहीं है। दूसरी तरफ कई राज्यों ने मनरेगा के दैनिक वेतन के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। इसलिए फिलहाल किसी एक राज्य के लिए मनरेगा की मजदूरी में इजाफा नहीं किया जा सकता है। पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
राज्य में मनरेगा के तहत 11 लाख 48 हजार 205 जॉबकार्ड धारक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत लोगों को साल में 100 दिन का रोजगार दिया जाता है। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों में दैनिक वेतन कर्मियों की न्यूनतम दिहाड़ी 150 रुपये कर दी है, लेकिन मनरेगा में इससे 12 रुपये कम दिया जाता है। सरकार का प्रयास था कि मनरेगा के मजदूरों को भी गांव में न्यूनतम वेतन कम से कम मिले। इसलिए केंद्र को इसमें बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था। हिमाचल की इस कसरत को केंद्र ने दो तर्क देकर किनारे कर दिया है।

Related posts