
हल्द्वानी। शहर में मनमाने तरीके से मोबाइल टावर नहीं लगेंगे। टावर लगाने से पहले नगर निगम से एनओसी लेनी होगी। निगम की अनुमति के बाद ही टावर लग सकेंगे, इसके लिए एक निश्चित फीस भी देनी होगी। फीस के लिए प्रावधान बनाने की प्रक्रिया निगम में चल रही है।
शहर और आसपास सैकड़ों मोबाइल टावर लगे हुए हैं, जिन निजी जगहों पर टावर लगाए गए हैं, उनका किराया भी मोबाइल कंपनी देती है, पर शहर में कितने टावर लगे हैं, उसके बारे में नगर निगम को कुछ भी पता नहीं होता है, जबकि हिमाचल में बिना निगम की अनुमति के टावर लग ही नहीं सकते हैं। तमाम बातचीत और चर्चा के बाद आखिरकार निगम मोबाइल टावर को नियमों को दायरे में लाने में राजी हो गया है। सिटी मजिस्ट्रेट एवं मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल कहते हैं कि पहले निगम के अधिकारी टावर लगने की जगह का निरीक्षण करेंगे, संतुष्ट होने पर ही एनओसी देेंगे। इन टावरों से एक निश्चित शुल्क भी लिया जाएगा। इसके लिए निगम की आय बढ़ेगी। शुल्क लेने आदि के लिए प्रावधानों को तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
