
नंगड़ा (ऊना)। जिला ऊना के विभिन्न इलाकों में रह रहे हजारों प्रवासी लोग हर बार चुनाव में मताधिकार से वंचित रहते हैं। इन लोगों के मतदाता सूची में नाम ही दर्ज नहीं हैं। वोट कैसे डालते हैं और कहां जाकर डालते हैं, इन्हें इस बात का भी इल्म नहीं।
ऊना जिले के त्यूड़ी, सलोह, भदसाली, खड्ड, झलेड़ा, लालसिंगी, रामपुर, कुठार, अबादा बराना, जनकौर, पेखूबेला, नंगड़ा, खानपुर, जटपुर, संतोषगढ़ समेत अन्य इलाकों में हजारों प्रवासी रहते हैं। ऊना से सटे पंजाब राज्य के सूरेबाल, सजोबाल, दगोढ़, दयापुर, भल्लड़ी, भलाण, कलमा मोड़ आदि क्षेत्रों में भी ऐसे परिवार रहते हैं। इनमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, मुरीदपुर, फतेहगंज, बरेली, बदायूं के हैं। बिहार और राजस्थान के भी हजारों प्रवासी यहां रहते हैं। यह लोग यहां पर 50-60 वर्षों से रह रहे हैं। नंगड़ा के समीप फतेहपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले नबी, नियाज, तिवारी, बशीर, मुन्ना, सावर, अमीन, कल्लू, हरफान, जमीला, अकील अहमद, राशद, निक्का, नसीर आदि ने कहा कि उनका न तो कभी वहां वोट बना और न यहां। न तो कभी पंचायत चुनाव, न विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए मतदान किया। न तो इनके पास राशन कार्ड हैं और न ही आधार कार्ड। इन लोगों ने ईवीएम मशीन का कभी नाम भी नहीं सुना है। इन्होंने कहा कि वे यहां पर पांच-छह दशकों से रह रहे हैं और सब्जी आदि का कारोबार करते हैं। इससे ही परिवार का भरण पोषण होता है। देश और प्रदेश की सरकार बनाने के लिए इनकी कोई भूमिका नहीं होती। ऊना में इन परिवारों को राई परिवारों के नाम से जाना जाता है।
नहीं ला पाते कोई प्रमाण : शुक्ला
नायब तहसीलदार निर्वाचन उपेंद्रनाथ शुक्ला ने कहा कि राई परिवारों के कई लोग कई बार वोटर कार्ड बनवाने के लिए आते हैं। इन लोगों को उस जगह से कोई आईडी प्रूफ लाने के लिए कहते हैं लेकिन वे कोई प्रूफ नहीं ला पाते। इन लोगों को कई बार यह भी कहा कि कोई ऐसा व्यक्ति साथ लेकर आएं जो आपकी गारंटी दे। इनकी गारंटी भी कोई देने को तैयार नहीं होता। यह लोग हिंदुस्तान के हैं या बांग्लादेश के, इस बात पर भी संदेह रहता है।
पुलिस को बताए निर्वाचन विभाग
डीएसपी ऊना हेडक्वार्टर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि थाने में जब भी कोई प्रवासी पंजीकरण कराने के लिए आता है तो उससे उस राज्य से संबंधित जगह का भी कोई प्रमाणपत्र मांगा जाता है, जहां से वह आया है। उन्होंने कहा कि जब अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए यह लोग जा रहे हैं और इनके पास कोई दस्तावेज भी नहीं है तो निर्वाचन विभाग पुलिस को इस संदर्भ में अवगत कराए या अपने स्तर पर उस जगह की छानबीन कराए, जहां से यह लोग यहां आने की बात कर रहे हैं।
