
नूरपुर (कांगड़ा)। मठोली में प्रस्तावित नए उपमंडलीय पशु चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कानूनी अड़चनों के हटने के बाद अब लोनिवि ने टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। 17.28 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नए अस्पताल के टेंडर को अप्रूवल मिलते ही अवार्ड कर दिया जाएगा। इससे जहां चौगान में जर्जर हाल भवन में चल रहे उपमंडलीय पशु चिकित्सालय को नई छत मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं नए वेटरिनरी अस्पताल के मठोली (कमनाला) में शिफ्ट होने से चौगान में पुराने अस्पताल की जगह पर प्रस्तावित नए बस स्टैंड के निर्माण का रास्ता भी साफ हो जाएगा। पूर्व भाजपा शासनकाल में तत्कालीन विधायक राकेश पठानिया के प्रयासों से मार्च 2010 में पशुपालन विभाग को नए वेेटरिनरी अस्पताल के निर्माण के लिए महाल मठोली मौजा कमनाला में खसरा नं. 100/2/2 रकबा तादादी 0-11-60 भूमि आवंटित की गई थी। लेकिन, मठोली में प्रस्तावित अस्पताल के लिए चिन्हित की गई सरकारी भूमि पर स्टे लगने से इसका निर्माण अधर में लटक गया। इसी बीच पुराने वेटरिनरी अस्पताल भवन में स्टाफ रूम की दीवार ढहने के बाद स्टाफ समेत सारा सामान दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। तभी से यह उपमंडलीय पशु चिकित्सालय सीनियर वेटरिनरी ऑफिसर के सरकारी क्वार्टर में चल रहा है।
इस संदर्भ में लोनिवि के एक्सईएन इंद्र सिंह उत्तम ने बताया कि मठोली में प्रस्तावित नए वेटरिनरी अस्पताल का टेंडर अप्रूवल के लिए सर्किल ऑफिस भेजा गया है। इसे मंजूरी मिलते ही अवार्ड कर दिया जाएगा।
कभी भी गिर सकता है जर्जर भवन
अंग्रेजों के जमाने में बने मौजूदा वेटरिनरी अस्पताल (चौगान) का जर्जर हाल भवन कभी भी धराशायी हो सकता है। सालों पहले अनसेफ घोषित होने के बाद इसके सरकारी क्वार्टर खंडहर में तबदील हो चुके हैं तो पुराने वेटरिनरी अस्पताल का भवन की हालत भी रखरखाव के अभाव में दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। वजह यह है कि डेढ़ साल पहले इस पुराने अस्पताल की जमीन परिवहन निगम के नाम हस्तांतरित होने के चलते पशुपालन विभाग चाहकर भी जर्जर भवन की मरम्मत नहीं करवा पा रहा है।
