
भगेड़ (बिलासपुर)। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) से संबद्ध आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एवं कंट्रेक्चुअल यूनियन ने सरकार से मांग की है कि नियमित हुए मजदूरों को बैक डेट से वर्कचार्ज कर बकाया राशि का भुगतान किया जाए। यूनियन का कहना है कि यदि तीन माह के भीतर सरकार ने इस फैसले को लागू नहीं किया गया तो इंटक को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) से संबद्ध आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एवं कंट्रेक्चुअल यूनियन घुमारवीं खंड इकाई की बैठक का आयोजन घुमारवीं में किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रधान आनंद किशोर शर्मा ने की। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अंशकालीन आधार पर रखे गए वाटर गार्डों को अभी तक दैनिक भोगी नहीं बनाया गया है। वर्ष 2006 में पंचायतों के माध्यम से रखे गए चार हजार वाटर गार्डों को दैनिक भोगी बनाया जाए। इन वाटर गार्डों से चार घंटों के बजाए पूरा दिन ड्यूटी ली जा रही है। 1350 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। बेलदार, हेल्परों के हजारों पद रिक्त पड़े हुए हैं। दो वर्ष का डिप्लोमा कर चुके बेलदारों और हेल्परों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत कार्य निरीक्षक पदोन्नत नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी मांग की है कि विभाग के प्रत्येक अनुभाग में एक फोरमैन की पोस्ट सृजित की जाए। बैठक में यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान कुलदीप पठानिया, उपप्रधान प्रीतम वर्मा, संगठन महामंत्री रिखी राज शर्मा, राजेंद्र सांख्यान, हेमराज ठाकुर, महासचिव प्रेमलाल भाटिया, संजीव चौहान, जगदीश कुमार, अनिल कुमार, ज्ञान चंद शर्मा, ओंकार सिंह गुलेरिया, कमला देवी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
