मजदूरों की दिहाड़ी 250 रुपये की जाए

बद्दी (सोलन)। नेशनल फ्रंट आफ इंडियन ट्रेड यूनियन की प्रदेश इकाई के सम्मेलन में श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने और न्यूनतम मजदूरी ढाई सौ रुपये करने की मांग रखी गई। सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। अगर इसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं र्हुई तो आंदोलन का रुख अपनाया जाएगा।
बद्दी के हाउसिंग बोर्ड में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के प्रदेश के महासचिव एके शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में श्रम कानूनों की अनदेखी हो रही है। हिमाचल को रोजगार न देकर बाहरी राज्यों के लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। जबकि प्रदूषण से लेकर अन्य समस्या यहां के लोग झेल रहे हैं। ठेकेदारी प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मजदूर की दिहाड़ी मात्र 20 रुपये बढ़ा कर उनके साथ सरकार ने भद्दा मजाक किया है। हिमाचल के साथ लगते राज्य हरियाणा और पंजाब में दिहाड़ी 81 सौ न्यूनतम वेतन के रूप में मिल रही है। संयुक्त सचिव कृष्ण शर्मा ने बताया कि बैठक में फैसला लिया कि संबंधित विभागों को समय दिया जाएगा। अगर निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा नहीं होता है तो उनके खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। उपेंद्र मेहतों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बीबीएन में एक उद्योग में तैनात था लेकिन काम के दौरान उसका बाजू कट गया। ईएसआईसी में उसका नाम दर्ज न होने से उसे सरकार की ओर से मिलने वाली कोई भी सुविधा नहीं मिल पाई। इस मौके पर उपाध्यक्ष जसबीर सिंह ठाकुर, जिला प्रधान निर्मल सिंह चौधरी, भाग सिंह, जसपाल सैणी ने भाग लिया।
यह मांगें उठाई
बैठक में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, न्यूनतम वेतन ढाई सौ रुपये करने, पात्र कामगारों की ईएसआईसी के दायरे में करने, ईएसआईसी की डिस्पेंसरी में कामगारों के बिलो का भुगतान समय पर कराने की मांग की है।

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