मछली मारने के लिए अपनाया खतरनाक हथकंडा, भाइयों की मौत

उत्‍तराख्‍ांड के भीमताल क्षेत्र में मछली के शिकार के लिए सबसे खतरनाक हथकंडा अपनाने वाले दो सगे भाइयों की सोमवार अपने ही बुने जाल में फंसने से मौत हो गई।

नदी में करंट छोड़ा गया था और इसी करंट ने उनकी जान ली। एक साथ दोनों की मौत से रामगढ़ ब्लाक का नैकाना गांव सदमे में है।

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शवों का अंतिम संस्कार
परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। सूचना मिलने के बाद राजस्व और विद्युत विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे।

तल्ला रामगढ़ के पास नथुवाखान पट्टी के नैकाना गांव निवासी बसंत सिंह ढैला (52) और उसका भाई देवेंद्र सिंह (48) पुत्र प्रेम सिंह ढैला बुधवार अपराह्न 12 बजे के करीब घर के पास स्थित नदी में मछली मारने गए थे।

नदी में करंट
दोनों भाइयों ने मछली मारने के लिए पास में स्थित घर से ही बिजली का तार खींचा हुआ था। नदी में करंट डालने के बाद अचानक बसंत सिंह असंतुलित होकर नदी में गिर गया। उसके शरीर में तेज करंट दौड़ गया।

पास ही में मौजूद उसके भाई देवेंद्र ने उसे बचाना चाहा लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों की चीख सुन बहन पार्वती देवी (55) ने तार को खींचकर अलग किया।

मृत घोषित कर दिया
आसपास के कई लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों को नदी से बाहर निकालकर रामगढ़ सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उपजिलाधिकारी चंद्र सिंह मर्तोलिया और कानूनगो अमित साह ने बताया कि राजस्व पुलिस को सूचित किए बिना परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।

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