
मैहला (चंबा)। ग्राम पंचायत बंदला के तहत दुर्गम क्षेत्र सलेट धार नजदीक मोरतु में पांच लोग बर्फ में फंस गए हैं। ये पांचों लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इससे इनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। इन्हें ढूंढने के लिए ट्रैकर और पुलिस दल को भेजा गया है, मगर काफी ऊंचाई और भारी हिमपात के कारण इन तक पहुंचने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। मौसम फिर से खराब होने की चेतावनी के चलते स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शनिवार को ग्राम पंचायत जटकरी के उपप्रधान विक्रम पुत्र पूर्ण, छज्जू राम पुत्र नारद, प्रीतम पुत्र पूर्ण, तेज सिंह पुत्र नारद और किशोरी पुत्र जर्म सिंह निवासी गांव वैली खराब मौसम की परवाह किए बिना ही स्लेट धार स्थित नाग मंदिर में माथा टेकने चले गए थे। ये सभी गडरिये हैं और मन्नत के चलते मंदिर में माथा टेकने गए थे। बताया जा रहा है कि रात को मौसम खराब होने के कारण ये सभी लोग रास्ता भटक गए और मवेशियों के लिए बनाए गए अस्थायी ठिकाने में ठहर गए। इस दौरान 55 सेंटीमीटर से ज्यादा हिमपात होने के कारण वे वहीं फंसे हुए हैं। ऐसे में उनका वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। मैहला से सलेट धार पहुंचने के लिए पैदल दो दिन लगते हैं। बर्फ में फंसे लोगों ने मोबाइल के माध्यम से इसकी सूचना परिजनों व जिला प्रशासन को दी है। मैहला के उपप्रधान मनोज जसरोटिया ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बर्फ में फंसे लोगों क ो निकालने के प्रबंध किए जाएं। इस मामले में मैहला के पूर्व बीडीसी वाइस चेयरमैन मोहन सिंह, उत्तम, टेक चंद, रिशि, बजर सिंह और कमलेश कुमार उपायुक्त संदीप कदम से मिले। उन्होंने उनसे बर्फ में फंसे गडरियों को निकालने के प्रबंध करने की मांग की है। उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि पुलिस की टीम को भेजा गया है। इसके अलावा हैलीकाप्टर का प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हैलीकाप्टर के माध्यम से इन्हें सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। उधर, एएसपी कुलवंत सिंह को रेस्क्यू के लिए पुलिस टीम के साथ भेजा गया है। डीएसपी हैडक्वार्टर जितेंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम ने सोमवार शाम तक आधा रास्ता तय कर लिया था। एक अन्य पुलिस दल उपनिरीक्षक कमलेश कुमार के नेतृत्व में साजो सामान के साथ मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। इसमें चार मुख्य आरक्षी और चार आरक्षी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा भरमौर के पर्वतारोही दल को भी भेजा गया है।
