मंत्री जी! तीन दिन से नहीं आए डॉक्टर

कुल्लू। अम्मा अब ठीक-ठाक है! नहीं, मंत्री जी तीन दिन से अस्पताल में डाक्टर ही नहीं आए। ऐसा कुछ नजारा तब देखने को मिला जब क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में गणतंत्र दिवस पर औचक निरीक्षण करने वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी पहुंचे। निरीक्षण से अस्पताल में चरमराई सफाई व्यवस्था की भी पोल खुल गई। वन मंत्री ने गत दिनों प्रसव के बाद हुई महिला की मौत के मामले की जांच धीमी गति से करने पर स्वास्थ्य अधिकारियों को लताड़ लगाई।
क्षेत्रीय अस्पताल में दिन-प्रतिदिन चरमराती व्यवस्था के चलते अस्पताल प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह लगने शुरू हो गए हैं। अस्पताल में मरीजों का इलाज राम भरोसे चल रहा है। डॉक्टरों की भारी कमी चल रही है। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के अवकाश या अन्य प्रशिक्षण शिविरों में व्यस्त रहने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गणतंत्र दिवस के समापन के बाद जब वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू का औचक निरीक्षण कि या तो अस्पताल व्यवस्था की पोल भी खुल गई। जब चौथी मंजिल में एक मरीज महिला के वन मंत्री ने हालचाल पूछे तो वन को जवाब मिला कि तीन दिन से डाक्टर ही नहीं आए हैं। इस दौरान प्रत्येक वार्ड में जाकर वन मंत्री ने निरीक्षण किया। अस्पताल के शौचालयों में गंदगी का आलम था। नए भवन के कई शौचालयों में ताले लटके थे। इस दौरान अस्पताल प्रशासन व्यवस्था पर सफाई देता रहा लेकिन वन मंत्री ने अस्पताल प्रशासन की घटिया व्यवस्था पर अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों की क्लास लगाई और व्यवस्था को सुधारने के कड़े निर्देश दिए। वन मंत्री ने इस दौरान गत दिनों प्रसव के बाद हुई महिला की मौत के मामले को भी गंभीरता से जांच करने के अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। वन मंत्री ने कहा कि अस्पताल में प्रसव के बाद हुई महिला की मौत से लोगों में दहशत का माहौल है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को जल्द मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसी दौरान उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने भी अस्पताल प्रशासन को इस मामले की कड़ी जांच करने करने को कहा है।

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