

उन्होंने कहा कि पहले जब मंत्रिमंडल का गठन हो रहा था तब सूची में बंजार के विधायक कर्ण सिंह का नाम शामिल था। लेकिन मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है, उसका फैसला हाईकमान करता है। ये पूछने पर कि आपने कर्ण सिंह को मंत्री बनाने का वादा किया था?
सीएम ने कहा कि उन्होंने कभी किसी को मंत्री बनाने का वायदा नहीं किया। पत्रकारों ने उन्हें बताया गया कि कुल्लु में तो खुशियां मनाई जा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि खुशियां मनाना तो अच्छी बात है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस सरकार को स्थिर करार दिया।
कुछ नेताओं के हाईकमान से मिलने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, इसलिए कोई भी नेता या पदाधिकारी हाईकमान से मिल सकता है। केंद्र में हिमालय विकास विभाग गठित करने के सवाल पर कहा कि अभी उन्होंने इसकी रूपरेखा नहीं देखी है।
सेब नुकसान आकलन को गिरदावरी नहीं
हिमाचल में मौसम से सेब की फसल को हुए नुकसान के आकलन के सवाल पर सीएम ने कहा कि अभी तो मानसून यौवन पर है। जब मानसून समाप्त होगा तभी गिरदावरी कराई जा सकती है। सेब फसल नुकसान का मुआवजा तब दिया जा सकता है जब विशेष परिस्थिति में नुकसान हुआ हो।
औद्योगिक प्लाटों को 118 में छूट
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए वे रोड शो करेंगे। पुराने उद्योगों के प्लॉट खरीदने पर भू राजस्व अधिनियम की धारा 118 में छूट दी जाएगी। इस धारा में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। न ही धारा 118 में कोई छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने पंजाब और हरियाणा सरकार पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके शुभचिंतक होने के कारण हिमाचल में इंडस्ट्री चलती रही है।
जेपी और रिलायंस में समझौते की जानकारी नहीं
रिलायंस इंडस्ट्री की तरफ से हिमाचल स्थित जेपी के बिजली प्रोजेक्ट खरीदने के लिए हुए समझौते पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है।
