मंड क्षेत्र में घुसा पौंग बांध का पानी

नूरपुर (कांगड़ा)। पौंग बांध ने एक बार फिर कांगड़ा जिले के सीमावर्ती मंड क्षेत्र को बाढ़ की चपेट में ले लिया है। पौंग बांध के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर फ्लड गेटों से पानी छोड़ने का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। वीरवार को पौंग बांध के सभी छह फ्लड गेट पांच फुट तक खोल दिए गए। करीब 15,281 क्यूसिक पानी टरबाइनों के माध्यम से छोड़ा गया। 25,290 क्यूसिक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से शाहनहर बैराज में छोड़ा गया। यहां से मुकेरियां हाइडल के लिए 11,500 और ब्यास दरिया में 29,071 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। वीरवार को पौंग बांध में 47,211 क्यूसिक पानी की आमद के साथ जलस्तर 1377.56 फुट तक पहुंच गया जो पिछले साल इसी दिन 1322 फुट था। अब तक बहादपुर पंचायत में करीब 9 हेक्टेयर, रियाली में 6 व राजपालवां में करीब 4 हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल पानी की चपेट में आ चुकी है। बहादपुर पटवार सर्कल के करीब आधा दर्जन रिहायशी मकानों को भी पानी ने घेर लिया है। लिहाजा, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। नायब तहसीलदार फतेहपुर पूर्ण चंद ने बताया कि मंड क्षेत्र के तटीय गांवों को पहले ही अलर्ट जारी किया जा चुका है। बावजूद इसके लोगों को ब्यास दरिया के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। बुधवार को पौंग बांध से करीब 12,125 क्यूसिक पानी ही ब्यास दरिया में छोड़ा गया था लेकिन वीरवार को बांध से एकाएक पानी की निकासी बढ़ने के साथ ही मंड क्षेत्र के तटीय इलाकों में पानी भरने का सिलसिला भी शुरू हो गया। रियाली पंचायत के वेला लुधियारचां व वेला ठाकरां समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांव मंड-सनौर, वेला इंदौरा, मंड मियानी, पराल, मलकाणा, मंड भोग्रवां बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ब्यास दरिया के किनारे बसे गांवों में पानी आने से पराल-ठाकुरदारा, रियाली-बडूखर व पराल-मंड भोग्रवां के बीच संपर्क कट गया है। वहीं, मंड क्षेत्र की सैकड़ों कनाल भूमि में बीजी गई धान, मक्की और गन्ने की फसल के बाढ़ की चपेट में आने का खतरा मंडराने लगा है।

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