

प्रदेश में दाखिल होते ही मैसेज करेगा अलर्ट
मैसैज के माध्यम से उन्हें सुझाव दिया जाएगा कि कृपया आप नदी और नालों के किनारे न जाएं। नदी और नालों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
इस संबंध में ऊर्जा महकमे के अफसरों की सभी मोबाइल कंपनियों से वार्ता चल रही है, जिससे इस सुविधा को मुहैया करवाया जा सके। मंडी जिले के लारजी हादसे के बाद हिमाचल प्रदेश में अव्यवस्थाओं की चर्चा है।

मंडी हादसे का असर पर्यटन कारोबार पर
प्रदेश की नदियों में 112 छोटी-बड़ी बिजली परियोजनाएं बन चुकी हैं, जबकि सैकड़ों परियोजनाओं का काम चल रहा है। ऐसे में भविष्य में स्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं। लारजी हादसे की आगे पुनरावृत्ति न होने पाए, इसके मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है। ऊर्जा निदेशालय के निदेशक आरडी नजीम ने बताया कि मोबाइल कंपनियों से वार्ता चल रही है। जल्द ही अलर्ट जारी कर व्यवस्था को हिमाचल में लागू कर दिया जाएगा।
विद्युत बोर्ड ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
इस रिपोर्ट में बांध से पानी छोड़ने की घटना को रूटीन बताया गया है। उल्लेख किया गया है कि स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के निर्देश पर यह पानी छोड़ा गया है। प्रधान सचिव ऊर्जा ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की।
उल्लेखनीय है कि पूरे मामले में विद्युत बोर्ड को चारों तरफ से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। यही वजह है कि सरकार को मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी थी।
