
मंडी। मंडी संसदीय सीट पर पहली बार हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। वर्ष 2009 के आम लोकसभा चुनाव की तुलना में यह जीत भाजपा पर कहीं ज्यादा भारी बैठ रही है। मंडी संसदीय सीट पर मंडी से ही ताल्लुक रखने वाले भाजपा प्रत्याशी को यहां की ही जनता ने तगड़ा झटका दिया है। इसी के साथ संसदीय चुनाव में भाजपा का इस बार 8 और विधानसभा क्षेत्राें में बढ़त का ग्राफ गिर गया है। मंडी जिला में इन 9 विधानसभा क्षेत्राें में से चार विस सीटों पर भाजपा के विधायक हैं, लेकिन भाजपा प्रत्याशी के गृह विधानसभा क्षेत्र सराज को छोड़कर अन्य किसी भी विस क्षेत्र में जयराम ठाकुर को बढ़त नहीं मिली है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तरह अब लोस उपचुनाव में भी भाजपा का सिक्का नहीं चला है। 2009 में हुए लोकसभा के आम चुनाव में भी हालांकि भाजपा को हार मिली थी। लेकिन, उस दौरान भाजपा के प्रत्याशी रहे महेश्वर सिंह को 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 9 विधानसभा क्षेत्रों पर कुल 27,458 मतों की बढ़त मिली थी। जिसके चलते भाजपा की हार का अंतर 13,997 वोट था। मगर इस बार 16 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। 2009 लोस चुनाव की बात करें तो भाजपा प्रत्याशी महेश्वर सिंह को लाहौल स्पीति, मनाली, कुल्लू, बंजार, सुंदरनगर, सराज, जोगिंद्रनगर, बल्ह तथा सरकाघाट विस क्षेत्रों से बढ़त मिली थी। इस बार इस श्रेणी से भाजपा प्रत्याशी के लिए बढ़त दिलाने में मात्र सराज का ही नाम शामिल है। भाजपा के विधायक होने के बावजूद सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र से प्रतिभा सिंह को 4342, जोगिंद्रनगर से 491 तथा नाचन से 4948 वोटाें की बढ़त मिली है।
