मंडी में सड़कों पर उतरे एसएसबी गुरिल्ला

मंडी। एसएसबी प्रशिक्षित बेरोजगार गुरिल्ला संगठन जिला मंडी ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ जिला स्तरीय रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसएसबी गुरिल्लाओं ने जमकर नारेबाजी की। बारिश के दौरान भी गुरिल्लाओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार व सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किया।
एसएसबी प्रशिक्षित बेरोजगार गुरिल्ला संगठन ने पूर्व निधारित कार्यक्रम के तहत भ्यूली स्थित भीमा काली मंदिर परिसर में एकत्रित होकर रैली निकाली। रैली बस स्टैंड, सुकेती पुल व इंदिरा मार्केट होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एमआर भारद्वाज ने कहा कि साढ़े पांच वर्षों से उच्च न्यायालय द्वारा वालंटियरों के हक में दिए गए फैसले को मणिपुर राज्य जैसी पालिसी हिमाचल के प्रशिक्षित बेरोजगार के साथ लागू हो सकती है। यह फैसला 2008 से गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वालंटियरों ने वर्ष 1962 से भारत-चीन युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एसएसबी का गठन किया और देश के अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती राज्यों के नौजवानों को गुरिल्ला युद्ध में प्रशिक्षण देने का जिम्मा सौंपा गया। यह प्रशिक्षण महिला वर्ग के लिए कुसुम्पटी शिमला व पुरुषों के लिए सराहन रामपुर के शालाबाग में ट्रेनिंग सेंटर चिन्हित किए गए, जिसमें एसएसबी वालंटियरों को ट्रेनिंग दी गई ताकि आपात स्थिति में घुसपैठ करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। प्रशिक्षण के बाद विभाग प्रशिक्षित वालंटियरों को अपनी भरती में प्राथमिकता देता था, लेकिन वर्ष 2001 में तत्कालीन सरकार ने सारी गतिविधियां बंद कर दीं। अपनी मांगों को लेकर एसएसबी गुरिल्ला कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन सरकार ने उनकी मांग पूरी नहीं की है। उन्होंने मांगों का समाधान करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार को 28 फरवरी तक का समय दिया। अन्यथा चार मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में राष्ट्रीय स्तर का अनिश्चितकालीन धरना होगा। इस मौके पर महिला विंग की अध्यक्ष शीला देवी, चैलचौक के सचिव चिंत राम, सदस्य पवन कुमार, हुकम चंद, जगत राम, लेक राज, खेम चंद, उत्तम चंद, राम सिंह, सुखराम, सुरेंद्र, रमेश कुमार, डाहलू राम, लज्जा देवी, मनसा देवी, बंती देवी, दुर्गा देवी, शेर सिंह, बुद्धि सिंह व मीना कुमारी आदि मौजूद थे।

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