
मंडी। मांगाें की अनदेखी को लेकर संघर्ष समिति ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। प्रशासन के रेवैये से खफा संघर्ष समिति ने 23 और 24 दिसंबर को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। संघर्ष समिति इन दो दिनाें को काले दिवस के रूप में मनाएगी। इस दौरान शहर में न तो ऑटो रिक्शा और न ही टैक्सियां दौड़ेंगी।
संघर्ष समिति के संघर्ष को अन्य यूनियनों का समर्थन मिलना शुरू हो गया है। दी मीडियम ट्रक आपरेटर यूनियन ने अपना समर्थन दे दिया है। शुक्रवार को प्रशासन के अड़ियल रवैये से खफा संघर्ष समिति की दो दिन की हड़ताल करने पर सहमति बनी। संघर्ष समिति प्रेस सचिव प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि प्रशासन समिति की मांगों पर कोई गौर नहीं कर रहा है। आरोप लगाया कि प्रशासन जब कोई निर्णय लेता है तो जो लोग उस निर्णय से प्रभावित होते हैं उन्हें विश्वास में नहीं लेता। प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि प्रशासन मांगाें को जल्द पूरा करे अन्यथा संघर्ष समिति का आंदोलन जन आंदोलन का रूप ले लेगा। कहा कि 23 और 24 दिसंबर को समिति काले दिवस के रूप में मनाएगी। उन्हाेंने समिति से जुड़े सदस्याें से आह्वान किया कि दो दिन की हड़ताल को सफल बनाने में सहयोग करें। शुक्रवार को सेरी चानणी पर संघर्ष समिति का सामूहिक क्रमिक अनशन बारहवें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान चमन रावत, दिनेश कुमार, नरेंद्र कुमार, मुनीश कुमार और वेद प्रकाश ने क्रमिक अनशन पर बैठे।
