
शिमला। अब जोनल अस्पताल मंडी में भी एड्स के रोगियों के इलाज के लिए एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट (एआरटी) सेंटर खोला जाएगा। आईजीएमसी शिमला, टांडा कालेज और हमीरपुर अस्पताल के बाद यह चौथा केंद्र होगा। इसके अलावा एचआईवी जांच के लिए भी 18 नए केंद्र खोले जाएंगे। यह जानकारी राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सोमवार को गेयटी थियेटर शिमला में राज्यस्तरीय युवा दिवस पर दी। कौल सिंह ठाकुर ने ‘जवान हैं लेकिन नादान नहीं है’ नारा देते हुए कहा कि हिमाचल के युवाओं को इसी को चरितार्थ करना है।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में 6,900 एचआईवी पीड़ित हैं। इनमें से 2,390 एड्स के मरीज हैं। उन्होंने खुशी जताई कि हिमाचल में एड्स के मामले भारत के अन्य राज्यों से कम पाए गए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि हिमाचल के नौजवान भी शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने को जाते हैं और वहां नशे की जद में फंस रहे हैं। मां-बाप का सपना उन्हें बड़ा आदमी बनाना होता है, मगर वे दिग्भ्रमित हो रहेे हैं। एड्स रोगियों में भी 40 से 50 प्रतिशत युवा ही हैं। उन्होंने कहा कि 22,800 लोगों की घर-घर जाकर एचआईवी जांच की जा चुकी है।
इस अवसर पर कौल सिंह ठाकुर ने विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता स्कूली बच्चों को भी सम्मानित किया। विशेष सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. कुलभूषण सूद, राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के परियोजना निदेशक डा. पीसी शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इनसेट
वीरभद्र की तारीफों के पुल बांधे
कौल सिंह ठाकुर सोमवार को गेयटी थियेटर में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तारीफों के पुल बांधते रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की हिमाचल सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिन दोगुनी रात चौगुनी उन्नति कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के बजट में 22.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। दोनों मेडिकल कॉलेजों को रखरखाव को 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रबंध किया है।
