
पौड़ी। गढ़वाल मंडल में हजारों लोगों को अभी रोड हैड तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। मंडल में 192 सड़कों पर यातायात का पहिया अभी तक जाम है। सड़कें बंद होने से सैकड़ों गांव यातायात से कटे हुए हैं।
दैवी आपदा से मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। बरसात के कारण सड़कें बंद होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार बरसात के कारण मंडल में बंद हुई 1166 सड़कों में से 192 सड़कें अभी सुचारु नहीं हो पाई है। इनमें से कई सड़कें ऐसी हैं जिनको बंद हुए अब एक पखवाड़े से भी अधिक समय हो गया। यातायात सुचारु न होने के कारण इनसे जुड़े गांवों के लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों को राजमार्ग तक पहुंचने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
विभाग के अनुसार मंडल में बंद सड़कों में सर्वाधिक 53 सड़कें टिहरी जिले की हैं। पौड़ी जिले में 37, चमोली में 33, उत्तरकाशी में 26, रुद्रप्रयाग में 23 तथा देहरादून में 20 सड़कें बंद हैं। लोनिवि के मुख्य अभियंता आरपी भट्ट का कहना है सभी जिलों में बंद सड़कों को खोलने के लिए कार्य चल रहा है। अधिकारियों को वरीयता के आधार पर बंद सड़कों को खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
4.71 अरब हुआ क्षति का आंकलन
पौड़ी। गढ़वाल मंडल में दैवी आपदा से सड़कों को हुई क्षति का आंकलन 4.71 अरब पहुंच गया है। लोनिवि के मुख्य अभियंता ने बताया कि मंडल में आपदा से अब तक लोनिवि की सड़कों उत्तरकाशी जिले में 88 करोड़ की क्षति हो चुकी है। चमोली में 86 करोड़, रूद्रप्रयाग में 76.42 करोड़, टिहरी में 79.97 करोड़, देहरादून में 42.43 करोड़, पौड़ी में 66 करोड़ और हरिद्वार में 28.89 करोड़ की क्षति हो चुकी है।
