मंजूर नहीं अधिकारी के साथ काम करना

बिलासपुर। वन वृत्त बिलासपुर के कर्मचारियों ने वन मंडल अधिकारी के खिलाफ मोरचा खोल दिया है। उन्होंने डीएफओ पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उनके साथ काम करने से साफ इंकार कर दिया है। कर्मचारियों ने बैठक आयोजित करते हुए दस दिन के भीतर या तो उक्त अधिकारी को स्थानांतरित किया जाए, या फिर क्षेत्रीय कर्मचारियों का तबादला इस वन मंडल से बाहर कर दिया जाए। ऐसा न होने पर उन्हें आंदोलन का बिगुल बजाना पड़ेगा। डीएफओ ने लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
डीएफओ देवराज कौशल ने कहा कि फील्ड में अनियमितताएं पाई गई हैं। कुछ कार्य मार्च में पूरे होने थे, लेकिन अभी तक पूरे नहीं हुए। आधा दर्जन कर्मचारियाें को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। किसी का वेतन रोका नहीं है। आज तक उनका को सगा संबंधी रेस्ट हाउसों में नहीं आया। झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इधर, रविवार को हिमाचल फारेस्टर्स एसोसिएशन की बिलासपुर वन वृत्त इकाई के अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में कर्मियों ने डीएफओ पर अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ सही व्यवहार नहीं करने के आरोप लगाए। आरोप लगाया कि अपने सगे-संबंधियों की ‘सेवा’ के लिए वह कर्मचारियों को देर रात तक विश्राम गृहों में काम करने पर मजबूर करते हैं। कर्मचारियाें का वेतन बेवजह रोकने के साथ ही उन्हें सस्पेंड करने की धमकियां भी दी जाती हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि वन मंडल बिलासपुर के क्षेत्रीय कर्मचारी डीएफओ के अधीन कार्य नहीं करेंगे। उन्हें स्थानांतरित किया जाए या फिर कर्मचारियाें को इस वन मंडल से बाहर भेज दिया जाए। दस दिन के भीतर ऐसा न हुआ तो अधिकारी के खिलाफ आंदोलन होगा। संगठन अपना पक्ष सरकार के नुमाइंदों के समक्ष भी रखेगा। बैठक में संघ के उपाध्यक्ष केवलराम, महासचिव प्रेमसिंह पटियाल, सहसचिव नीलम, वरिष्ठ सलाहकार सुरजीत सिंह परमार, सुदर्शन जमवाल तथा सदस्यों रोशनलाल, अशोक, पंकज, दाताराम, पवन, सुशील, देशराज, जयपाल, ब्रह्मानंद, देवराज व लौहकूराम आदि ने भाग लिया।

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