
नालागढ़ (सोलन)। कई वर्षों से सरकार की मंजूरी की बाट जोह रहे बीबीएन के विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं। बीबीएनडीए का 55 लाख रुपये की लागत से बना मास्टर प्लान, नप नालागढ़ विस्तारीकरण योजना का मामला सरकार की फाइलों की धूल फांक रहा है। नालागढ़ मुख्यालय में परिवहन निगम का अपना बस अड्डा बनाए जाना सरकार की घोषणा पर टिका हुआ है।
नोएडा की तर्ज पर बीबीएन क्षेत्र को विकसित करने के लिए वर्ष 2006 में सरकार ने बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ विकास प्राधिकरण (बीबीएनडीए) गठित किया। बीबीएनडीए ने गुजरात के अहमदाबाद की एक कंपनी के साथ मिलकर 55 लाख रुपये की लागत से मास्टर प्लान तैयार करवाया जो करीब चार सालों से मंत्रिमंडल की मंजूरी की राह देख रहा है। औद्योगिक पैकेज भी समाप्त हो गया है लेकिन मास्टर प्लान आज तक लागू नहीं हो सका है।
नप नालागढ़ विस्तारीकरण योजना में किरपालपुर, मंझौली और रड़ियाली के गांव शामिल होने हैं। फाइल मंत्रिमंडल के पास मंजूरी के लिए भेजी है।
एचआरटीसी नालागढ़ अपने पड़ाव की राह देख रहा है। बस अड्डे को लेकर एमसी मैदान व पुराने रावमापा वाले स्थल को लेकर गतिरोध है। भवन एवं कामगार वेल्फेयर बोर्ड के चेयरमैन बावा हरदीप सिंह ने कहा कि सरकार हर मामले को गंभीरता से ले रही है। शीघ्र ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद यह कार्य सिरे चढ़ जाएंगे।
