
घाट (चमोली)। प्रखंड के रानीकोट तोक के 13 परिवार बिनसर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के चलते बेघर हो गए हैं। वहीं पोखरी प्रखंड के गिरसा गांव के लोगों के आवासीय भवन भी नदी में बह गए हैं।
कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश से बिनसर पहाड़ी से हुए भूस्खलन के बाद यहां रानीकोट स्थित आवासीय भवनों और दुकानों में मलबा भर गया था, जिसके बाद से लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन जारी है। ग्रामीण अब अपने घरों को छोड़कर घाट बाजार में किराए के भवनों में शरण लिए हुए हैं। यहां ख्याली राम, चंद्रमणी, इंद्रमणी, घनानंद, पुरुषोत्तम, गोवर्धन प्रसाद, हीरामणी, विजय प्रसाद मलासी, सुजान सिंह कठैत, प्रताप सयाना, भरत कठैत, सोहन सिंह बिष्ट और मोहन सिंह के आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं।
यहां स्थित एसबीआई शाखा और एटीएम भी भूस्खलन के चलते मलबे में दब गए हैं, जिससे ग्रामीणों को बैंक से लेन-देन के लिए 16 किमी दूर नंदप्रयाग आना पड़ रहा है। इधर, एसडीएम चमोली अवधेष कुमार सिंह ने बताया कि नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग को खुलवा दिया गया है। ग्रामीणों को चट्टान के नीचे से आवासीय भवनों में न रहने की हिदायत दी गई है। उधर, पोखरी प्रखंड की गिरसा गांव की अनुसूचित जाति बस्ती नागद तोक के 13 परिवारों के आवासीय भवन और काश्तकारी भूमि नदी में बह गई है। ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल गिरसा में शरण लिए हुए हैं।
