भू-धंसाव से कमेड़ा गांव खतरे की जद में स्कूल किया गया पंचायत घर में शिफ्ट

कर्णप्रयाग। ब्लाक की ग्राम पंचायत कमेड़ा में अलकनंदा नदी के कटाव से जहां बदरीनाथ हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है, वहीं नदी किनारे से करीब डेढ़ किमी दायरे में हो रहे भू-धंसाव से बस्ती को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भू-धंसाव नहीं थमता, तो नदी में झील बन सकती है।
ब्लाक की ग्राम पंचायत कमेड़ा भू-स्खलन से खतरे की जद में है। पूर्व प्रधान दिनेश डिमरी ने बताया कि गांव में भू-स्खलन से ग्रामीण नरेंद्र प्रसाद, विजय सिंह, युद्धवीर सिंह सहित गांव के पांच से अधिक आवासीय भवनों की दीवारों पर दरारें आ गई हैं, जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बीम और छत क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्कूल को पंचायत घर में शिफ्ट किया गया है।
इधर, अलकनंदा नदी के कटाव से हाईवे से लगी करीब डेढ़ किमी भूमि लगातार धंस रही है। सड़क सहित यहां मंदिर को भी खतरा बन गया है। दरकती जमीन में पेड़ और मलबा अधिक होने से नदी में झील बन सकती है। डिमरी ने कहा कि भू-धंसाव की सीडी बनाकर प्रशासन को सौंपी जा रही है, जबकि स्कूल क्षतिग्रस्त होने की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी से कर दी गई है।

कमेड़ा में जमीन धंस रही है, जिससे बीआरओ काम कर रहा है। नदी कटाव और भू-ध्ंसाव से झील बनने जैसी स्थिति नहीं है। आवासीय मकानों के चटकने की जानकारी जुटाई जा रही है।
-राहुल कुमार गोयल, उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग।
बारिश से सहमे लोग
कर्णप्रयाग। मंगलवार रात्रि हुई तेज बारिश से प्रशासन ने नगर में हाई एलर्ट कर दिया। देर रात्रि पुलिस ने बाजार में पहुंच कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का ऐलान किया। करीब रात्रि साढ़े 12 बजे घोषित हुए एलर्ट पर लोगों ने भारी बारिश के चलते रतजगा किया। उधर, पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली क्षेत्र में भी ग्रामीण बारिश की रात को सो नहीं पा रहे हैं। आपदा से यहां कई आवासीय मकानों को खतरा बना हुआ है।

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