
घाट (चमोली)। घाट मुख्य बाजार के ऊपर चट्टान से हो रहे भूस्खलन ने घाटवासियों का सुख, चैन छीन लिया है। यहां चट्टान पर अभी भी बोल्डर और मलबा अटका हुआ है, जो हल्की बारिश में भी बाजार की ओर खिसक सकता है । चट्टान से मलबा आने से घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि पिछले दो साल से यहां भूस्खलन हो रहा है, लेकिन प्रशासन ने इसके ट्रीटमेंट के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। ग्रामीण दहशत के साए में रात बिताने को मजबूर हैं।
लोगों को डर है कि भूस्खलन क्षेत्र का दायरा बढ़ा, तो इसका मलबा नंदकिनी, चुफलागाड़ नदी के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है, तब घाट क्षेत्र खतरे की जद में आ जाएगा। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह राणा, सोहन सिंह, पंकज सयाना और नंदन सिंह रावत का कहना है कि प्रशासन का कोई भी व्यक्ति घाट बाजार में प्रभावितों को देखने नहीं पहुंचा है। व्यापारी सोहन सिंह का कहना है कि उसका करीब पांच लाख रुपये का सामन मलबे में दब गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिल पाया है। इधर, उप जिलाधिकारी अवधेष कुमार सिंह का कहना है कि व्यावसायिक उपयोग के भवनों के मुआवजे का प्राविधान नहीं है। यदि ऐसा कोई जीओ आएगा, तो व्यापारियों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी। घाट-नंदप्रयाग सड़क पर पडे़ मलबे को हटाया जा रहा है।
