भूमिहीन अवैध कब्जाधारकों को बसाएगी सरकार

मंडी। मंडी शहर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने की मुहिम जारी है। शुक्रवार को समखेतर मुहल्ला में नप ने मीरा देवी के मकान पर हथौड़ा चलाया। हालांकि, मीरा देवी की ओर से अपना आशियाना बचाने के लिए विरोध भी किया। मगर पुलिस बल के आगे उसकी एक न चली। इधर, भूमिहीन अवैध कब्जाधारकों को प्रदेश सरकार की ओर से बसाने की योजना है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंडी जिला प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि मंडी में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस बारे में मुख्यमंत्री ऐलान कर सकते हैं। वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंडी के कार्यकारी उपायुक्त गोपाल चंद और नप के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर को शिमला बुला कर इस बारे में आदेश दिए हैं। सरकार की ओर से यह राहत सिर्फ उन परिवारों को मिलने जा रही है, जिनके अवैध कब्जे टूटने के बाद अब उनके सिर पर कोई छत नहीं बची है और यह लोग भूमिहीन भी हैं। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने पुरानी मंडी के आसपास जगह का चयन भी कर लिया है। जहां राजीव आवास योजना के तहत गरीब एवं भूमिहीन परिवारों को घर बना कर दिए जाएंगे। मंडी के कार्यकारी उपायुक्त गोपाल चंद ने मुख्यमंत्री के इन आदेशों की पुष्टि की है।
नगर परिषद मंडी ने उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को गिराने का अभियान शुरू कर रखा है। 14 अगस्त तक 20 अवैध कब्जों को गिराकर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की जानी है। अवैध कब्जाधारियों की इस सूची में कई ऐसे गरीब परिवार भी हैं, जो भूमिहीन हैं, इनके पास अब सिर छिपाने के लिए छत नहीं है। इधर, मंडी के कार्यकारी उपायुक्त गोपाल चंद ने बताया कि वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस बारे में सारी रिपोर्ट जिला प्रशासन से ली है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को ऐसे बेघर और भूमिहीन परिवारों को घर बना कर देने के आदेश दिए हैं। कहा कि एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। अब तक आधा दर्जन परिवारों को चिन्हित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के आदेशों को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है।

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