भारत में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के 21 स्टार्टअप, भारत का दुनिया में चौथा स्थान

भारत में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के 21 स्टार्टअप, भारत का दुनिया में चौथा स्थान

देश में घरेलू यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या 21 है जिनका बाजार मूल्यांकन 1 अरब डॉलर (7.5 हजार करोड़) से ज्यादा है। हुरून की मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक 40 और ऐसी कंपनियां हैं लेकिन उनके संस्थापक भारतीय मूल के विदेशी नागरिक हैं।

भारतीय स्टार्टअप मेें चीन के निवेश पर प्रतिबंध की कार्रवाई के बीच रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि चीन के तीन निवेशकों ने 11 यूनिकॉर्न में पैसे लगाए हैं। भारत के इन 21 यूनिकॉर्न की संयुक्त बाजार पूंजी 73.2 अरब डॉलर है। इस मामले में अमेरिका, चीन, ब्रिटेन के बाद भारत चौथे स्थान पर है।
हालांकि, चीन के मुकाबले भारत में यूनिकॉर्न की संख्या 10% से कम है। चीन में 227 यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं। चीन ने जहां देश से बाहर सिर्फ 16 कारोबार शुरू किए हैं, भारत में यह संख्या 40 है। भारतीयों द्वारा दुनियाभर में स्थापित यूनिकॉर्न का कुल बाजार मूल्यांकन 99.6 अरब डॉलर है, जिसमें फिनटेक स्टार्टअप रॉबिनहुड का पूंजीकरण 8.5 अरब डॉलर है। भारतीयों के 61 यूनिकॉर्न में 66% देश के बाहर हैं।

दुनिया में 586 यूनिकॉर्न स्टार्टअप
दुनिया में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या 586 है, जो 29 देशों के 145 शहरों में स्थापित हैं। भारत में 21 यूनिकॉर्न में से सात ई-कॉमर्स से जुड़े हैं। इसमें पेटीएम, ओयो रूम्स, बाईजू, ओला कैब आदि शामिल हैं।

2017 में आया ओला इलेक्ट्रिक सबसे नया है जिसके बाद उड़ान और स्विगी का नंबर आता है। भारत में किसी स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने में औसतन सात साल लगते हैं, चीन में यह अवधि 5.5 साल और अमेरिका में 6.5 साल है।

 

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