
नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को अमेरिकी समकक्ष जॉन केरी से बातचीत में जासूसी का मुद्दा उठाया और अपना विरोध जताते हुए कहा कि दोस्ती में जासूसी की कोई जगह नहीं होती, भारत ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
वहीं केरी ने अमेरिका खुफिया सेवा की ओर से की गई जासूसी का बचाव करते हुए कहा कि हम भारत के साथ अपने रिश्ते को अहमयित देते हैं। हम आतंकवाद विरोधी लड़ाई और दोनों देशों को दूसरे के खतरों के संदर्भ में सूचना को साझा करने को भी महत्व देते हैं। सामान्य तौर पर अगर कोई मतभेद या सवाल खड़ा होता है तो हमारी कोशिश होती है कि हमारी खुफिया सेवाएं इसका समाधान करने के लिए काम करें।
भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा भी कि वह 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए काम करे। दोनों देशों ने आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाहों को समाप्त करने और अलकायदा और लश्कर ए तैयबा सहित आतंकवादी नेटवर्क को छिन्न भिन्न करने का संकल्प भी लिया।
