
अफ्रीकी महाद्वीप में नाइजीरिया, भारत का अग्रणी रणनीतिक साझीदार बन सकता है क्योंकि दोनों देशों के बीच कई समानताएं हैं और ढांचागत, बिजली, कृषि और दूरसंचार क्षेत्रों में भारी आर्थिक संभावनाएं हैं।
दक्षिण अफ्रीका में रैंड मर्चेंट बैंक के विश्लेषक रौनक गोपालदास ने दैनिक अखबार ‘बिजनेस डेली’ में लिखा है कि संसाधनों से समृद्ध नाइजीरिया तेल कीमतों को लेकर भारत की नाजुक स्थिति दुरुस्त कर सकता है और भारत की भारी उर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।(एजेंसी)
