भारतीय लोगो के लिए खुशखबरी H 1 B Visa का नवीनीकरण अमेरिका में ही करवाने का अवसर, यूएस का पायलट प्रोजेक्ट हुआ सफल

भारतीय लोगो के लिए खुशखबरी H 1 B Visa का नवीनीकरण अमेरिका में ही करवाने का अवसर, यूएस का पायलट प्रोजेक्ट हुआ सफल

अमेरिकी एच 1 बी वीजा को लेकर चल रही बहस के बीच वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया का भारतीयों को फायदा मिलने वाला है। अमेरिका की ओर से किया गया एच 1 बी वीजा का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है। इसके चलते अमेरिका में काम करने वाले विदेशी पेशेवर जल्द ही अमेरिका छोड़े बिना एच-1बी वीजा का नवीनीकरण करा सकेंगे। बताया जा रहा है कि 2025 में औपचारिक रूप से इस प्रक्रिया को लागू कर दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इसकी तारीख का एलान नहीं किया गया है।

अमेरिका ने पिछले साल घरेलू स्तर पर एच-1बी वीजा को नवीनीकृत करने के लिए पायलट कार्यक्रम शुरू किया था। इसमें 20,000 तक योग्य गैर- आप्रवासी कर्मचारी घरेलू स्तर पर अपने एच-1बी वीजा का नवीनीकरण करा सकते थे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा जून 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान की थी। अमेरिका यह पायलट प्रोजेक्ट सफल हुआ। इसलिए वीजा नवीनीकरण को लेकर अब आवेदकों को अपने देश वापस आने की जरूरत नहीं होगी।

अब तक करना होता था लंबा इंतजार
अब तक अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को अपने वीजा नवीनीकरण कराने के लिए भारत आना पड़ता था। इसके लिए हवाई टिकट पर लाखों का खर्च होता था। साथ ही वीजा अप्वाइंटमेंट की पुष्टि के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब भारतीयों को इस प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने यह कहा
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि एच 1बी वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया था। बताया जा रहा है कि 2025 में औपचारिक रूप से इस प्रक्रिया को लागू कर दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इसकी तारीख का एलान नहीं किया गया है।

एच-1बी वीजा को लेकर चल रही बहस
अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर बहस जारी है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थक इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। वहीं, उनके करीबी उद्योगपति एलन मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन कर चुके हैं। मस्क का कहना है कि अमेरिका में काफी कम उच्च प्रशिक्षित कर्मचारी होते हैं और अगर अमेरिका को आगे भी तरक्की करते रहना है तो विदेशों से कुशल कर्मचारियों को लाना बेहद जरूरी है। मस्क के साथ ही भारतीय मूल के राजनेता विवेक रामास्वामी ने भी एच-1बी वीजा का समर्थन किया था। गौरतलब है कि एच-1बी वीजा के जरिए सबसे ज्यादा लाभ उठाने वाले देशों में भारत भी शामिल है।

एच-1बी वीजा की मांग सबसे अधिक
एच-1बी वीजा सबसे अधिक मांग वाला एक गैर-आप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विशेष व्यवसायों में विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, जिनमें सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर करती हैं।

सबसे ज्यादा भारतीय एच1 बी वीजा धारक
एच 1बी वीजा धारकों की सूची में भारत पूरे विश्व में सबसे ऊपर है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक 2022 में 3.2 लाख एच-1बी वीजा आवेदनों में से 77 प्रतिशत भारतीयों को मिले। 2023 में भी 3.86 लाख वीजा में से 72 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय नागरिकों को जारी किए गए। 2024 में 3.31 लाख छात्र वीजा जारी हुए। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि बीते चार साल में भारत से आने वालों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है।

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