
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सपा के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र भाटी के इस बयान के बारे में स्पष्टीकरण की मांग की है कि उन्होंने 41 मिनट के अंदर दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबित करवा दिया था।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कल यहां कहा, ‘‘एक तरफ तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को उचित ठहरा रहे हैं, दूसरी ओर राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त पार्टी के नेता नरेन्द्र भाटी दावा कर रहे हंैं कि उन्होंने उस अधिकारी को 41 मिनट में निलंबित करवा दिया है और पद से हटवा दिया।’’
पाठक ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि मुख्यमंत्री और भाटी में सच कौन बोल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के किसी नेता के कहने पर किसी अधिकारी को निलंबित कर देना और पद से हटा देना गंभीर मामला है और इससे नौकरशाही का मनोबल गिरता है।
पाठक ने कहा, ‘‘हम तो पहले से ही सपा सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों का बचाव करने और ईमानदार अधिकारियों को परेशान करने का आरोप लगाते रहे हंै तथा दुर्गा शक्ति नागपाल का मामला इसका एक प्रमाण है।’’ भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस प्रकरण के बाद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
सपा नेता भाटी को एक वीडियो फुटेज में यह कहते हुए दिखाया गया है, ‘‘मैंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से साढ़े दस बजे बात की और 11 बजे उसके निलंबन का आदेश आ गया, वह चालीस मिनट भी अपने पद पर टिक नहीं सकी और 41 मिनट लगे उसे निलंबित करवा कर पद से हटवाने में।’’
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुर्गा शक्ति के निलंबन को उचित ठहराते हुए कल कहा था कि उसने एक निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार ढहा दी थी जिससे सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगडऩे की आशंका थी। उन्होंने यह भी कहा था कि इस अधिकारी के निलंबन को खनन माफिया के साथ जोडऩा उचित नहीं है।
