भाजपा शासनकाल में हुए घोटालों पर पर्दा क्यों

बिलासपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद पहली बार हिमाचल पहुंचे जेपी नड्डा की बयानबाजी पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष राम लाल ठाकुर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नड्डा पहले भ्रष्टाचार की परिभाषा बताएं। भ्रष्टाचार पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वह बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में भ्रष्टाचार को लेकर नड्डा ने काफी हो हल्ला किया है। केंद्र सरकार ने इस पर कार्रवाई की है। जब भाजपा शासनकाल में भ्रष्टाचार हुआ तो उस वक्त पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का इस्तीफा क्यों नहीं मांगा गया। स्वयं हिमाचल के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद नड्डा कभी हिमाचल तो कभी दिल्ली के लिए छलांग लगा रहे हैं। बिलासपुर के लोगों के साथ धोखा हुआ। जब वह मंत्री थे तो लोगों को प्लाट मिलने थे, लेकिन उनकी अलार्टमेंट नहीं हुई। पार्किंग के नाम पर एक पत्थर तक नहीं लगे। केंद्र में भाजपा की सत्ता के दौरान छह भाजपा सांसद प्रश्न पूछने की एवज में पैसे लेते हुए पकड़े गए। उनमें हिमाचल से भी एक थे। उस वक्त भ्रष्टाचार की क्या परिभाषा थी। उस दौरान सेना घोटाला, ताबूत घोटाला सामने आया। फिर अटल से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा गया? उन्होंने कहा कि हिमाचल में बाप-बेटे ने हिमाचल को लूटा है। क्रिकेट के नाम पर खूब राजनीति हुई। कभी क्रिकेट एसोसिएशन बनाई जाती है तो कभी कंपनी। एक ही एसोसिएशन कंपनी और सोसायटी एक्ट के तहत कैसे चल सकती है। पूर्व सीएम न्यायधीश से जांच की मांग कर रहे हैं। क्रिकेट पर न्यायधीश से जांच क्यों नहीं करवाई जाती। इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शर्मा, हॉकी के महासचिव सुरेंद्र पाल दास और हरलोग पंचायत प्रधान पवन चंदेल भी उपस्थित थे।

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