
होली (चंबा)। होली-बजोली प्रोजेक्ट को लेकर भरमौर भाजपा की आंदोलन के जरिये दबाव की राजनीति को पहले से आंदोलनरत ग्रामीणों ने कामयाब नहीं होने दिया है। ग्रामीणों ने कंपनी पर दबाव बनाकर 26 जुलाई तक निर्माण कार्य रोकने की बात मान ली है। उधर, शुक्रवार को प्रोजेक्ट के खिलाफ भाजपा की ओर से धरना देने की चेतावनी दी गई थी। बताया जा रहा है कि यह सब भाजपा के लोगों को कंपनी में एडजस्ट करवाने का दबाव बनाने के लिए किया गया था। योजनाबद्ध तरीके से भाजपा नेता कंपनी कार्यालय के बाहर पहुंचे और कंपनी के अधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाने को मजबूर किया। कंपनी की ओर से भी भाजपा के तीन-चार नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया गया। दोनों पक्षों की यह योजना उस समय विफल हो गई जब प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपाइयों के साथ संघर्ष समिति के ग्रामीण ने इसका विरोध किया। उन्होंने बंद कमरे में किसी प्रकार की बातचीत का विरोध किया और खुद भी कंपनी कार्यालय में एक साथ बातचीत करने पहुंच गए। बातचीत करने पहुंचे लोगों में होली संघर्ष समिति अध्यक्ष रंगीला राम, सचिव विनय शर्मा, सदस्य मांगनी राम, महिला मंडल प्रधान संतोष कुमारी, कौशल्या, अहिल्या, भूजली के अलावा अनुसूचित जनजाति मोरचा के प्रदेश अध्यक्ष जीया लाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रवि जुलकान सहित करीब 100 के करीब लोग शामिल थे। संघर्ष समिति के सभी सदस्यों के अंदर आ जाने पर भाजपा नेताओं की रणनीति धरी की धरी रह गई। इस दौरान जो भी बात हुई, वह मुद्दों को लेकर ही हुई। उधर, संघर्ष समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने कंपनी के समक्ष कुछ मांगें रखीं।
इन मांगों पर बनी सहमति
हाई कोर्ट मे रिव्यू पिटीशन की पेशी होने के कारण 26 जुलाई तक कंपनी का काम बंद रखना, प्रोजेक्ट की सुरंग का काम दायीं तरफ से ही शुरू करना, बायीं ओर से परियोजना का काम किसी भी सूरत में नहीं लगाना शामिल है। माहौल गर्माया देख कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगो के अनुसार 26 जुलाई तक काम रोकने का आश्वासन दिया है।
